कृषि विज्ञान केंद्र दामला में प्रशिक्षु महिलाओं को सिलाई मशीन भेंट करते अधिकारी। स्वयं
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रादौर। कृषि विज्ञान केंद्र दामला की ओर से बुधवार को केंद्र में अनुसूचित जाति उपयोजना (एससीएसपी) के अंतर्गत पूर्व प्रशिक्षु सम्मेलन और स्वच्छता-पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केंद्र से सिलाई-कढ़ाई और कटाई प्रशिक्षण प्राप्त ग्रामीण महिलाओं ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशिक्षित महिलाओं को स्वरोजगार के प्रति प्रेरित करना, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाना रहा। महिलाओं ने कृषि विज्ञान केंद्र परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर साफ-सफाई में सक्रिय भागीदारी निभाई। महिलाओं ने परिसर को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लेते हुए समाज में स्वच्छ वातावरण के महत्व को समझा।
इस अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रही महिलाओं को स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सिलाई मशीनें व सिलाई-कढ़ाई कार्य से संबंधित उपयोगी सामग्री भी वितरित की गई। महिलाओं ने इस पहल के लिए कृषि विज्ञान केंद्र का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की सहायता सामग्री उनके आर्थिक सशक्तीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सस्य विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. आराधना बाली ने कहा कि ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर व स्वावलंबी बनाने के लिए कौशल आधारित प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है। सिलाई-कढ़ाई जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण महिलाओं को घर बैठे आय अर्जित करने का अवसर प्रदान करते हैं जिससे उनका आर्थिक व सामाजिक स्तर मजबूत होता है। कृषि वानिकी विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार ने पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में वृक्षों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं से अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। गृह विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. आशमा खान ने स्वच्छता अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए महिलाओं को अपने घर, गांव व आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता बनाए रखने व बच्चों में भी स्वच्छता की आदत विकसित करने का संदेश दिया। इस अवसर पर डॉ. कर्ण सिंह सैनी, डॉ. विशाल गोयल सहित लगभग 75 अनुसूचित जाति वर्ग की पूर्व प्रशिक्षु ग्रामीण महिलाएं उपस्थित रहीं।
कृषि विज्ञान केंद्र दामला में प्रशिक्षु महिलाओं को सिलाई मशीन भेंट करते अधिकारी। स्वयं- फोटो : Archive