संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गैंगस्टर रोमिल वोहरा के मारे जाने के बाद शराब कारोबारियों में विश्वास पैदा करने के लिए सरकार बुधवार को एक बार फिर 45 जोन के शराब ठेकों की नीलामी करेगी। इससे पहले छह बार इन ठेकों की बोली लगाने के लिए कोई कारोबारी आगे नहीं आया था। इसके पीछे शराब कारोबारियों पर अपराधियों का खौफ बताया जा रहा था।
आबकारी विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इस बार ठेकेदारों के नीलामी में हिस्सा लिए जाने की पूरी संभावना है। शराब ठेकों पर पिछले दिनों की गई फायरिंग व फोन करके मांगी जा रही रंगदारी से शराब कारोबारियों में डर का माहौल है। चर्चा है कि गैंगस्टर के डर से जिले का एक बड़ा शराब कारोबारी परिवार के साथ विदेश जा चुका है।
इतना ही नहीं कुछ दिन पहले आबकारी विभाग के एक अफसर के पास बैठे एक अन्य शराब कारोबारी के पास किसी का फोन आया। फोन करने वाले ने क्या कहा, इसका तो पता नहीं चल पाया, लेकिन इतना जरूर है कि फोन सुनने के दौरान कारोबारी पसीने से तरबतर हो
गया था।
जिले में शराब के कुल 55 जोन हैं, जिनमें 110 ठेके हैं। इनमें से अभी तक केवल 10 जोन यानि 20 ठेकों की नीलामी ही हो सकी है। शेष 45 जोन के 90 ठेकों की नीलामी के लिए कई बार तारीख निर्धारित की गई, लेकिन बात नहीं बनी।
डीसी व एसपी ने ठेकेदारों को दिया सुरक्षा का आश्वासन : जिला सचिवालय में मंगलवार को लॉ एंड ऑर्डर को लेकर भी बैठक हुई। बैठक में उपायुक्त पार्थ गुप्ता, एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया, डीईटीसी आलोक पासी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। इसके बाद डीसी व एसपी ने जिला सचिवालय में ही कुछ शराब कारोबारियों के साथ बैठक की।
दोनों अधिकारियों ने ठेकेदारों को उनकी सुरक्षा को लेकर आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि किसी भी ठेकेदार को डरने की जरूरत नहीं है। सरकार व पुलिस गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है। ठेकेदारों को इसके लिए रोमिल वोहरा हत्याकांड का उदाहरण भी दिया। सभी ठेकेदार कारोबार करें, सुरक्षा की जिम्मेदारी हमारी है। उन्होंने ठेकेदारों से बुधवार को होने वाली ठेकों की नीलामी में हिस्सा लेने की अपील की।