संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ऋण चुकाने के बाद भी दो फाइनेंसर की ओर से सिक्योरिटी के रूप में लिए चेक नहीं लौटाए गए। साथ ही इन चेक का दुरुपयोग कर केस में फंसाने की धमकी दी। गांधीनगर पुलिस ने आरोपी फाइनेंसरों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर ही है।
कैंप के लक्ष्मी नगर निवासी शन्नो ने बताया कि पिछले साल अगस्त में बेटे को टाइफाइड हो गया था। उसके इलाज के लिए रुपयों की जरूरत थी। तंगी के कारण ऋण लेने की सोची। इसके लिए बैंक व फाइनेंसरों से पता किया। बाद में कन्हैया साहिब चौक के पास स्थित दफ्तर पहुंचे, जहां प्रदीप व सचिन मिले। उनसे ऋण के रूप में 44 हजार रुपये लिए।
इसकी एवज में प्रदीप व सचिन ने उसके व पति के बैंक खातों के दस चेक लिए थे। शन्नो का आरोप है कि ऋण 50 हजार का बताया गया था, पर बैंक खाते में 44 हजार रुपये डाले गए। इस बारे में पूछने पर प्रदीप व सचिन ने बताया कि पांच हजार रुपये पहले माह का ब्याज और एक हजार रुपये फाइल चार्ज काटा गया है। शन्नो का आरोप है कि उसने हर माह ब्याज दिया, वहीं मूल भी पूरा चुका दिया। इसके बाद भी प्रदीप व सचिन ने उससे लिए चेक वापस नहीं किए। उन्हें कई बार चेक लौटाने के लिए कहा, पर वह टालमटोल करते रहे। इसके बाद प्रदीप व सचिन ने उनके चेक का दुरुपयोग कर केस में फंसाने की धमकी दी।
आरोप है कि ऋण की किस्त लेट होने पर पैनेल्टी भी लगाई और घर से डिस्पॉजल बनाने वाली मशीन भी उठा ली। साथ ही उसे व पति को धमकियां दी। परेशान होकर पुलिस को शिकायत दी। थाना गांधीनगर से जांच अधिकारी मसरुफ अली ने बताया कि प्रदीप व सचिन के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश की जा रही है।