संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्रवेश प्रक्रिया के दौरान शुक्रवार को विद्यार्थियों तकनीकी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल धीमा चलने के कारण आवेदन प्रक्रिया प्रभावित रही। ओटीपी जनरेट होने में देरी के चलते अभ्यर्थियों को थोड़ा इंतजार करना पड़ा। दोपहर बाद पोर्टल की गति सामान्य होने पर विद्यार्थियों और प्रवेश समिति के सदस्यों को कुछ राहत मिली।
पोर्टल की धीमी कार्यप्रणाली का असर प्रवेश आंकड़ों पर भी दिखाई दिया। चौथे दिन नोडल आईटीआई में केवल 250 आवेदन ही प्राप्त हुए। इससे पहले बुधवार तक संस्थान में 510 आवेदन प्राप्त हो चुके थे। अब तक कुल 762 नए आवेदन दर्ज किए गए हैं, जबकि शुक्रवार शाम तक कुल आवेदनों की संख्या करीब 800 तक पहुंच गई।
संस्थान में कुल 1348 सीटें उपलब्ध हैं, जिनमें से अभी तक लगभग 60 प्रतिशत सीटों के लिए ही आवेदन आए हैं। एनसीवीटी में शुक्रवार को 56 आवेदन किए गए जिनमें से एससीवीटी ट्रेड में एक-एक विद्यार्थी ने आवेदन किया यानि पांच आवेदन ही हो सके जबकि 120 सीटें एससीवीटी में हैं।
प्रवेश समिति के सदस्यों के अनुसार पोर्टल सही ढंग से कार्य नहीं करने के कारण विद्यार्थियों को बार-बार आवेदन प्रक्रिया दोहरानी पड़ी। कई अभ्यर्थी ओटीपी आने की प्रतीक्षा में घंटों संस्थान परिसर में बैठे रहे। गत वर्ष तीसरे दिन तक 1500 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके थे, जबकि अंतिम तिथि तक करीब 10,800 विद्यार्थियों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया था। राजकीय आईटीआई में एनसीवीटी के अंतर्गत 1228 सीटें तथा एससीवीटी के अंतर्गत 120 सीटें उपलब्ध हैं।
संस्थान में कुल 31 ट्रेड संचालित हैं, जिनकी 61 यूनिट कार्यरत हैं। इनमें वुड वर्क टेक्नीशियन, कंप्यूटर हार्डवेयर एवं नेटवर्क मेंटेनेंस, कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, फिटर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, रेफ्रिजरेशन एंड एयर कंडीशनिंग तकनीशियन, प्लंबर, वेल्डर, टूल एंड डाई मेकर, मैकेनिक ट्रैक्टर तथा अन्य इंजीनियरिंग एवं गैर-इंजीनियरिंग ट्रेड शामिल हैं।
वहीं 12 ट्रेड ऐसी हैं जिनमें एक भी आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। इनमें ड्राफ्ट्समैन (मैकेनिकल) ड्यूल, जियो इन्फॉर्मेटिक्स असिस्टेंट, टर्नर, इलेक्ट्रिशियन ड्यूल, इलेक्ट्रोप्लेटर ड्यूल, सिलाई प्रौद्योगिकी, मशीनिस्ट ड्यूल, मैकेनिक मोटर वाहन ड्यूल, फाउंड्रीमैन ड्यूल, प्लास्टिक प्रोसेसिंग ऑपरेटर, स्टेनोग्राफर एवं सेक्रेटेरियल असिस्टेंट (अंग्रेजी), वायरमैन ड्यूल और पेंटर जनरल ड्यूल जैसी ट्रेड शामिल हैं। इन ट्रेडों में अभ्यर्थियों की रुचि न दिखने से संस्थान प्रबंधन भी चिंतित है।