जगाधरी खंड के राजकीय स्कूल में प्रवेश उत्सव के दौरान बच्चों का स्वागत करते अधिकारी व शिक्षक। स
जगाधरी। किताबों के बिना ही विभाग का राजकीय विद्यालयों में प्रवेश उत्सव बुधवार को शुरू हो गया। इस दौरान जिले के कई विद्यालयों में पुस्तकें नहीं पहुंची। ऐसे में पहले दिन बच्चों के बैग खाली रहे और अधिकारियों ने मुंह मीठा करवाकर काम चलाया। जिले में भी दो ही कक्षाओं की पुस्तकें पहुंची हैं, ये पुस्तकें भी सभी विद्यालयों में बांटी नहीं जा सकी हैं।
प्रवेश उत्सव के दौरान ऐसे में कई विद्यालयों में पुरानी किताबों से काम चलाया गया। वहीं, जिन विद्यालयों में किताबें पहुंच गई, वहां दाखिले के साथ विद्यार्थियों को वितरित कर दी गई। अभी केवल छठी और आठवीं की ही किताबों की सप्लाई की जा रही है, जबकि अन्य कक्षाओं की किताबें आनी हैं। इस बार दाखिले के साथ ही सभी विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध करवाने का शिक्षा विभाग की ओर से लक्ष्य रखा गया था। अभी तक जिले में सभी कक्षाओं की किताबें नहीं पहुंच पाई हैं। अभी केवल दूसरी और आठवीं कक्षा की किताबें ही आई हैं। ऐसे में बुधवार को प्रवेश उत्सव के दौरान विद्यार्थियों को पुरानी किताबें दी गई हैं। यह किताबें बड़ी कक्षाओं में गए विद्यार्थियों की हैं। वहीं, दूसरी तरफ कंपनी की ओर से बुधवार को भी किताबों की सप्लाई की गई। मंगलवार को रादौर खंड के विद्यालयों में दूसरी और आठवीं कक्षा की किताबें वितरित की गई। वहीं, बुधवार सरस्वतीनगर खंड में सप्लाई दी गई। पुस्तकों की सप्लाई भी कंपनी की ओर से की जा रही है। फिलहाल अधिकांश विद्यालयों में बिना किताबों के ही दाखिला दिया गया है।
दूसरी तरफ अधिकारियों का कहना है कि पुस्तकों की सप्लाई शुरू हो चुकी है, जल्द ही सभी विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध करवा दी जाएंगी। बता दें कि जिले में शिक्षा विभाग के कुल छह खंड हैं। इन खंडों में कुल 592 प्राथमिक और 216 माध्यमिक विद्यालय हैं। पहली से आठवीं तक करीब 65,000 विद्यार्थी हैं। अभी रादौर खंड में किताबें भिजवाई गई हैं। इसके अलावा जगाधरी, छछरौली, साढौरा, व्यासपुर और सरस्वतीनगर में बुधवार को सप्लाई दी जाएगी। उन्होंने बताया कि मंगलवार को छुट्टी होने के कारण सप्लाई पूरी नहीं हो पाई है।
वर्जन
जिले में किताबों की सप्लाई की जा रही हैं। इसके लिए सभी विद्यालय मुखियाओं को स्कूल खुले रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए कंपनी का अपना रूट मैप है। एक-एक खंड में पुस्तकें पहुंचाई जा रही हैं। अगले सप्ताह तक सभी के पुस्तकें मिल जाएंगी।
अशोक राणा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
-