यमुनानगर। पेपर मिल कॉलोनी के 200 क्वार्टर के घरों को गिराने के लिए मंगलवार को प्रशासन जेसीबी व पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचा। लेकिन, यहां अधिकारियों को कॉलोनी में रह रहे सेवानिवृत कर्मियों के विरोध का सामना करना पड़ा।
हालांकि प्रशासन ने क्वाटरों पर कार्रवाई करने के लिए काफी जोर अजमाइश की, किंतु कॉलोनी के लोग वहां से टस से मस नहीं हुए। बाद में प्रशासन द्वारा 30 अप्रैल तक खुद क्वार्टरों को खाली करने का अल्टीमेटम देकर लौट आया। यह विरोध पेपर मिल में काम करने वाले कर्मचारी (सेवानिवृत) और जिनके ड्यू क्लियर नहीं हुए हैं ने वे कर रहे थे।
इतना ही नहीं मिल कर्मियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के अंदर आने के बाद कॉलोनी के गेट बंद दिया और उस पर ताला लगा दिया। ऐसे में जो बच्चे स्कूल से छुट्टी होने के बाद घर पहुंचे उन्हें गेट बंद मिला और उन्हें बाहर ही खड़ा होना पड़ा।
रह रहे 40 परिवार: बता दें लगभग 40 परिवार ऐसे हैं जो यहां रह रहे हैं और इन परिवारों के मुखिया का कहना है कि इन्होंने पेपर मिल में 40-40 साल तक अपनी सेवाएं दी है और अभी तक उनके ड्यू क्लियर नहीं हुए हैं।
पेपर मिल अर्थात बिल्ट इंडस्ट्रीज अब बिक चुकी है और जिन्होंने यह कंपनी खरीदी है उनका कहना है कि उन्होंने कोई पैसा इन कर्मचारियों का नहीं देना है। यदि उनके हिसाब से कर्मचारियों का कुछ बकाया है तो वह देने को तैयार हैं लेकिन जो पैसा बिल्ट ने देना था उस पैसे को अब यह कंपनी नहीं देगी।
कंपनी अधिकारियों का कहना था कि कर्मचारी जो पैसा मांग रहे हैं वह पैसा बिल्ट इंडस्ट्रीज ने देना है और बिल्ट इंडस्ट्रीज दिवालिया हो चुकी है। दिवालिया होने के बाद कंपनी कानून के अनुसार अब यह पेपर मिल किसी और ने खरीद ली है और वह इसका पैसा क्यों देंगे। उन्होंने बताया कि कंपनी कानून के अनुसार जो पैसा कर्मचारियों का अधिकारियों का बनता था वह उनको दिया जा चुका है। यदि कोर्ट उन्हें और पैसा देने का भी आदेश करता है तो वह भी देंगे लेकिन अभी ऐसा कुछ नहीं है। लगभग 3 घंटे तक पुलिस प्रशासन और मिल कर्मियों के बीच बातचीत का दौर चलता रहा। तभी माहौल भी गर्म ।