सीआईए टीम की गिरफ्त में आरोपी।
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हरियाणा के यमुनानगर में पुलिस की सीआईए टीम ने नशे की बड़ी खेप पकड़ी है। पुलिस ने 33 किलो 900 ग्राम चरस के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं इस नशा तस्करी मामले में तीन नाबालिग किशोरियां भी काबू की गई हैं, जो आरोपी के साथ नशे की खेप लेकर आई थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी इन तीनों नाबालिगों का नशे की सप्लाई के लिए इस्तेमाल कर रहा था, ताकि पुलिस को उनपर शक न हो।
आरोपी तस्कर नशे की यह खेप ट्रेन के जरिए बिहार से यमुनानगर लेकर आया था। आईए-1 की टीम ने आरोपियों से 33 किलो 900 ग्राम चरस बरामद की है। जिसकी कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपियों पर केस दर्ज किया। आरोपी बिहार के बेतिया के रहने वाले हैं। आरोपी युवक को अदालत में पेश कर 10 दिन के रिमांड पर लिया गया। जबकि तीनों नाबालिग लड़कियों को प्रिंसिपल जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश किया गया, जहां से उन्हें बाल सुधार गृह करनाल भेज दिया गया।
सीआईए इंचार्ज यादविंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली कि ट्रेन से एक युवक तीन नाबालिग किशोरियों के साथ चरस की बड़ी खेप लेकर आ रहा है। सूचना के आधार एसआई धर्मपाल की टीम ने रेलवे स्टेशन चौक के नजदीक से तीनों नाबालिग लड़कियों व आरोपी युवक को काबू किया। आरोपी युवक की पहचान बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के शहर बेतिया के शिवा घाट टंगरिया निवासी राजबाली के रूप में हुई।
राजपत्रित अधिकारी की मौजूदगी में महिला पुलिस की मदद से आरोपियों की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान तीनों नाबालिग लड़कियों के बैगों से पांच-पांच किलो चरस मिली। वहीं आरोपी युवक राजबाली के बैग से 18 किलो 900 ग्राम चरस बरामद हुई।
इंचार्ज यादविंद्र ने बताया कि तीन लड़कियां से कौन और किस तरह से यह चरस सप्लाई की जाती थी। इन सब की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी चरस को बिहार से लेकर आए थे। यह लोग पहले भी चरस की तस्करी करते थे। पहले थोड़ी मात्रा में चरस सप्लाई करते थे, लेकिन अब बड़े पैमाने पर चरस सप्लाई करने का धंधा शुरू कर दिया गया था।