यमुनानगर। मकान बेचने के नाम पर विधवा महिला से 44 लाख रुपये ठग लिए गए। आरोप जगाधरी के भारत सेवक नगर निवासी देवेंद्र कुमार, प्रदीप कुमार व रिषिपाल कांबोज पर लगा है। आरोप है कि आरोपियों ने साजिश के तहत उसे मकान बेचने के नाम पर रुपये ले लिए। जब इंतकाल कराने लगे तो मकान पर 21 लाख रुपये का लोन लेने का पता चला। महिला ने शिकायत पुलिस को दी। शहर जगाधरी थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोबिंदपुरा निवासी नीतू रानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पति सरकारी नौकरी में थे। कुछ समय पहले उनका देहांत हो गया था। उनके देहांत पर उन्हें सरकार की ओर से मुआवजा मिला था। इससे वह प्लाॅट या रिहायशी मकान खरीदना चाहती थी। उसके रिश्तेदार रिषीपाल कांबोज ने उसे व उसकी सास शिक्षा देवी को प्रॉपर्टी डीलर प्रदीप कुमार उर्फ दीपक से मिलवाया। आरोपी प्रदीप कुमार ने उन्हें शिवपुरी कॉलोनी मांडखेड़ी की टपरिया में 200 वर्ग गज का मकान दिखाया। आरोपियों ने उसे भरोसा दिया कि मकान पर कोई भी विवाद या कर्ज नहीं है। आरोपियों ने साजिश के तहत मकान के असली मालिक से नहीं मिलवाया। उसने उनकी बातों में आकर दो लाख रुपये दे दिए। बाद में आरोपी प्रदीप कहने लगा कि मकान मालिक देवेंद्र तिवारी इस मकान को किसी और बेच रहा है। उसे तुरंत दस लाख रुपये देने होंगे। आरोपी प्रदीप व रिषिपाल कांबोज घर आकर यह रुपये लेकर गए। इस तरह से आरोपियों ने अलग-अलग कर उससे 44 लाख रुपये ले लिए और मकान की रजिस्ट्री करा दी। जब वे उसका इंतकाल कराने लगे तो पता लगा कि इस मकान पर 21 लाख 10 हजार 321 रुपये का कर्ज है। जब मकान की जमाबंदी निकलवाई तो लोन की जानकारी मिली। यह मकान भी दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉर्पोरेशन लिमिटेड के पास रहन रखा है। रुपये वापस मांगने पर आरोपियों ने उसे व उसकी सास शिक्षा देवी से गाली-गलौज व अभद्रता की और रुपये देने से साफ मना कर दिया। इस संबंध में 29 मार्च को बूड़िया गेट चौकी में शिकायत दी। जहां आरोपियों ने मौजिज लोगों की उपस्थिति में उनके 42 लाख रुपये वापस करने का वादा किया और समझौता कर दिया लेकिन तय समय पर आरोपियों ने रुपये वापस नहीं किए। उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। थाना शहर जगाधरी प्रभारी राजपाल का कहना है कि तीनों आरोपियों पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है।