जम्मू कॉलोनी में नगर निगम ने विकास कार्यों का वर्क अलॉट कर लोगों को राहत देने का काम किया है। उधर, शहरवासियों के लिए आने वाले दिन दिक्कत भरे रहने की उम्मीद है। कॉलोनी में एक-एक गली को बनाने के लिए कई-कई ठेकेदारों को वर्क अलॉट किया गया है।
यानी गली के कुछ हिस्से को एक ठेकेदार बनाएगा तो अगले हिस्से को दूसरा ठेकेदार और आगे की हिस्से को तीसरा ठेकेदार। नगर निगम अधिकारियों के इस तरह से टेंडर कर वर्क अलॉट करने से लोगों के साथ-साथ वार्ड के पार्षद ने भी विरोध करना शुरू कर दिया है।
लोगों का कहना है कि एक गली को एक ही ठेकेदार से बनवाना चाहिए। इससे लोगों को दिक्कत होगी। अगर एक ठेकेदार तीन माह की समय सीमा में पहले महीने में ही अपना कार्य पूरा कर देता है और दूसरा ठेकेदार समय सीमा के अंतिम माह में कार्य शुरू करता है तो इससे दिक्कत तो होगी।
क्योंकि आधी गली पक्की बनने और आधी गली कच्ची रहने से लोगों को घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो जाएगा। पार्षद निर्मल चौहान का कहना है कि एक गली को कई कई हिस्सों में बनाने से दिक्कत होगी। इसके लिए अधिकारियों को शिकायत दी गई है।
वहीं नगर निगम के एमई गौरव का कहना है कि प्रोजेक्ट की तरह वहां पर काम किया जा रहा है। नालियों का प्रोजेक्ट अलग था, इसलिए अलग से उनका टेंडर किया गया था और गलियाें का निर्माण भी निर्धारित था, जिसके तहत ही टेंडर किए हैं।
इन गलियों को बांटा हिस्सों में
गली नंबर एक को बनाने के लिए तीन ठेकेदारों को वर्क अलॉट किया गया है। इस एक ही गली को तीन ठेकेदार हिस्सों में बनाएंगे। गली नंबर तीन को भी तीन हिस्सों में बांटा गया है, गली नंबर छह, सात को भी तीन तीन हिस्सों में बांट दिया गया है।
इसके साथ ही कुछ अन्य गलियां भी ऐसे ही हैं, जिनका कुछ हिस्सा एक ठेकेदार बनाएगा तो अगला हिस्सा दूसरा ठेकेदार बनाएगा। इसके साथ ही गलियों के साथ बनने वाली नालियों को दूसरा ठेकेदार बनाएगा। यानी अगर गली पहले बन गई तो पानी की निकासी का कोई रास्ता नहीं रहेगा। गलियों में ही पानी बहेगा।
एक गली का काम एक ही ठेकेदार के पास हो
कॉलोनी निवासी जयपाल सिंह, अरुण चावला, राजेश चौधरी, गिरदारी लाल तनेजा, दर्शनलाल मेहंदीरत्ता, वीरभान, रामलाल और विष्णु कुमार का कहना है कि ऐसे तो लोगों के लिए दिक्कत हो जाएगी। एक ठेकेदार पहले काम पूरा कर देगा और दूसरा ठेकेदार बाद में काम करे तो इससे काम लटका रहेगा।
इससे लोगों का कालोनी में आना-जाना मुश्किल हो जाएगा। कॉलोनी की गलियां इतनी लंबी नहीं हैं कि उसको बनवाने के लिए कई कई हिस्सों में बांट दिया जाए।
छोटी छोटी गलियों को भी कई कई हिस्सों में बांट दिया गया है। उनका कहना है कि निगम को चाहिए कि वर्क अलाट रद्द कर दोबारा से ठेकेदारों को वर्क अलाट किया जाए।
करोड़ों रुपये होंगे खर्च
सरकार की ओर से जम्मू कॉलोनी में करीब सवा चार करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए खर्च किए जा रहे हैं। इसमें गलियां, नालियां, सीवरेज, पानी की पाइप लाइन, स्ट्रीट लाइटें और अन्य कई कार्य होने हैं।
दिसंबर माह में नगर निगम की ओर से 101 कार्यों के टेंडर किए थे। बताया जा रहा है इन सभी कार्यों का वर्क अलाट ठेकेदारों को कर दिया गया है। फिलहाल किसी भी ठेकेदार की ओर से कार्य शुरू नहीं किया गया है।