संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में स्वास्थ्य विभाग एंबुलेंस चालकों के लिए नई रोस्टर व्यवस्था लागू करने जा रहा है। इसके तहत वर्षों से एक ही स्थान पर तैनात चालकों की ड्यूटी बदली जाएगी और उन्हें जिले में 45 किलोमीटर के दायरे में कहीं भी तैनात किया जा सकेगा। वहीं एंबुलेंस चालकों ने कार्यवाहक सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला को ज्ञापन सौंपकर रोस्टर पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
जिले में स्वास्थ्य विभाग के पास करीब 70 एंबुलेंस चालक कार्यरत हैं। इनमें से कई चालक वर्षों से एक ही स्वास्थ्य केंद्र, अस्पताल या कार्यालय में तैनात हैं। कुछ चालक ऐसे भी हैं, जो एंबुलेंस संचालन के बजाय विभिन्न कार्यालयों में बैठकर ड्यूटी कर रहे हैं, जबकि कुछ डॉक्टरों के वाहनों का संचालन कर रहे हैं।
ऐसे मामलों को देखते हुए विभाग अब सभी चालकों की ड्यूटी को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए रोस्टर प्रणाली लागू करने की तैयारी में है। कई चालक अपने घर से महज एक-दो किलोमीटर दूर स्थित स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात हैं। यदि दिनभर उनके पास कोई आपातकालीन कॉल नहीं आती तो उनका अधिकांश समय बिना किसी कार्य के गुजर जाता है।
एंबुलेंस चालक इस प्रस्ताव का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि उनकी ड्यूटी 45 से 60 किलोमीटर दूर किसी नए क्षेत्र में लगा दी गई तो उन्हें कई व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। उनका तर्क है कि नया क्षेत्र उनके लिए अनजान होगा। विशेषकर रात के समय किसी मरीज को लेने जाते समय रास्तों की जानकारी नहीं होने से मरीज तक पहुंचने में देरी हो सकती है।
वर्जन:
रोस्टर लागू करने का उद्देश्य एंबुलेंस सेवाओं को अधिक प्रभावी, संतुलित और जवाबदेह बनाना है। रोस्टर प्रणाली निदेशालय से ही तैयार की गई है। - डाॅ. सुशीला सैनी, डिप्टी सिविल सर्जन आपात सेवाएं।