संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा। फ्लैट में निवेश कराने के नाम पर डेढ़ करोड़ रुपये की बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। कस्बा साढौरा निवासी राजीव अरोड़ा की शिकायत पर आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद साढौरा थाना पुलिस ने जीरकपुर और मोहाली के बिल्डर अमित दुआ और इंद्रजीत के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, अभद्र व्यवहार करने और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
पुलिस को दी शिकायत में राजीव अरोड़ा ने बताया कि वर्ष 2022 में उसके साले शुभम बेदी के माध्यम से उसकी पहचान अमित दुआ और इंद्रजीत से हुई थी। दोनों आरोपी पंजाब के जीरकपुर और मोहाली क्षेत्र में रियल एस्टेट का कारोबार करते हैं। जुलाई 2023 में उन्होंने एक नए हाउसिंग प्रोजेक्ट में फ्लैट दिलाने का भरोसा दिलाया और बेहतर रिटर्न का लालच देकर उससे करीब डेढ़ करोड़ रुपये निवेश करा लिए।
शिकायतकर्ता के अनुसार कुछ राशि नगद और कुछ कंपनी के खाते में ट्रांसफर की गई। नकद राशि साढौरा में शुभम बेदी और याकेश कुमार की मौजूदगी में दी गई। आरोपियों ने एक एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर कर सितंबर 2024 तक फ्लैट का कब्जा देने का आश्वासन दिया था। राशि निवेश करने के बाद राजीव अरोड़ा सितंबर 2024 तक आरोपियों के आश्वासन पर इंतजार करता रहा।
तय समय बीतने पर शुभम बेदी के माध्यम से संपर्क किया गया तो आरोपियों ने निर्माण कार्य अधूरा होने का बहाना बनाते हुए जल्द कब्जा देने की बात कही। इसके बावजूद न तो फ्लैट का कब्जा मिला और न ही निवेश की गई राशि वापस की गई। जून 2025 में जब दोबारा संपर्क कर फ्लैट या रकम लौटाने की मांग की गई तो आरोपियों का रवैया आक्रामक हो गया।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि राशि वापस मांगने पर आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और साफ कहा कि न तो फ्लैट मिलेगा और न ही पैसे लौटाए जाएंगे। आरोपियों ने उसके खिलाफ पटियाला के सिविल लाइन थाने में झूठा मामला भी दर्ज करवा दिया, जिसमें वह फिलहाल जमानत पर है। राजीव अरोड़ा ने यह भी बताया कि आरोपी अमित दुआ के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह करनाल कोर्ट से भरोड़ा घोषित हो चुका है।
आर्थिक अपराध शाखा की जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। - प्रमोद कुमार, थाना प्रभारी साढौरा।