संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। कपालमोचन मेला समापन के बाद जगाधरी में मेला लगेगा। दूसरे राज्यों व जिलों से आए लोग जगाधरी के बाजारों से बर्तन की खरीदारी करते हैं। इसे लेकर बर्तन व्यापारी व स्थानीय दुकानदार भी तैयार हैं। इस बार कारोबारियों को अच्छे कारोबार की उम्मीद है।
जगाधरी का बर्तन बाजार काफी प्रसिद्ध है। इससे मेले में आने वाले श्रद्धालु बर्तन खरीदते हैं। अब यह परंपरा बन गई है। यही कारण है कि कपालमोचन के साथ ही जगाधरी में बर्तन बाजार सजने लगा है। व्यापारियों को इस बार स्थानीय बाजार से करीब पांच लाख के बर्तन बिक्री की उम्मीद है। कार्तिक पूर्णिमा स्नान के बाद शुक्रवार को श्रद्धालु अपने घर लौटने लगेंगे।
मेले में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल के लोग जगाधरी आते हैं और यहां से श्रद्धालु बर्तन खरीद कर जरूर ले जाते हैं। बर्तन कारोबारियों का कहना है कि मेले से लौटते हुए बर्तन खरीदान लोग शगुन मानते हैं। एक तरह यह बर्तन यादगारी रह बन जाते हैं, वहीं अन्य जगह से अच्छे व सस्ते मिल जाते हैं।
दी जगाधरी मैटल मैन्युफैक्चरर्स एंड स्पलायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदर लाल बतरा ने बताया कि दिवाली के बाद कारोबारियों को कपालमोचन मेले से काफी उम्मीद होती है। मेले में ही भी लोग बर्तन की खरीदारी करते हैं और घर लौटते हुए भी जगाधरी से खरीदारी करते हैं। यहां से लोग बड़े अनाज रखने वाले कुएं, बड़े पतीले, परात, डिनर सेट सहित अन्य सामान की खरीद करते हैं।