संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सूंकरा व पथराला दोनों बरसाती नदियों पर फिर से पुल का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। बारिश की वजह से यह कार्य बंद पड़ा है। पुल बनने से नदियों के दोनों छोर बसे गांवों के संपर्क नहीं टूटेगा। इससे ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी। दोनों नदियों के ऊपर 18.28 करोड़ रुपये की लागत से पुल बनाया जाना है।
इसमें 11.70 करोड़ रुपये से सूंकरा और 6.58 करोड़ रुपये से पथराला नदी पर पुल बनना है। सूंकरा नदी नदी और पथराला दादूपुर हेड पर आकर मिलती हैं। सूंकरा पर 115 मीटर (377 फीट) और पथराला पर 92 मीटर (300 फीट) लंबाई होगी, लेकिन चौड़ाई साढ़े सात मीटर (24.66 फीट) होगी। दोनों पुलों में 15 किमी. की दूरी है। ऐसे में कृषि यंत्र के अलावा बड़ा वाहन गुजारने में आसानी भी होगी।
सूंकरा और पथराला दोनों ही बरसाती नदियां हैं। साथ लगती शिवालिक की पहाड़ियों पर भारी बारिश होने पर ये उफान पर आ जाती हैं। ऐसे में कलेसर, बंजारा बांस, कांसली, मोझूबांस, बाबूराम बांस व चिकन गांवों का आपस में कट जाते हैं। यहां तक किसी को आपातकालीन स्थिति में दूसरे छोर पर जाना होता है, तो जोखिम उठाकर नदी को पार करना पड़ता है।
क्योंकि, अभी तक ये ग्रामीण किसी तरह से सूखी इन नदियों के बीच से एक-दूसरे गांव में चले जाते हैं, लेकिन बरसात के दिनों में उनके लिए समस्या और भी विकट हो जाती है। इस समस्या के बारे में ग्रामीणों ने साल 2022 में पुल बनाने की सरकार से मांग की गई थी। इस पर मुख्यमंत्री रहे मनोहर लाल ने यहां पुल बनाने की घोषणा की थी।
बारिश के बाद सामान्य स्थिति होते ही दोनों नदियों पर पुल का कार्य शुरू हो जाएगा। पुल के बनने से इलाके के कई गांवों के ग्रामीणों को काफी राहत मिलेगी। - सुरिंद्र, एक्सईएन, सिंचाई विभाग यमुनानगर।