जगाधरी। जलापूर्ति एवं जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से सप्लाई किया जा रहा पानी पीने के लायक नहीं है, जबकि विभाग ने इन दिनों उन लोगों को नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है, जिन्होंने 15 मार्च तक मीटर नहीं लगवाया है। शहरवासियों का कहना है कि अब उन्हें गंदा पानी भी मीटर से माप कर दिया जाएगा। शहर की गांधीधाम कालोनी ही ऐसी एक मात्र कालोनी नहीं है, जहां पर गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। बल्कि बहुत सारी ऐसी कालोनियां हैं, जहां पर लोग गंदा पानी पीने के लिए मजबूर हो रहे हैं। गर्मी के दिनों में यह परेशानी और भी ज्यादा बढ़ने वाली है। बावजूद इसके विभाग को मीटर लगवाने व नोटिस भेजने कर जुर्माना वसूलने की ज्यादा चिंता है।
शहर में जलापूर्ति एवं जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से पीने के पानी की जो पाइप लाइन बिछाई गई है, उनमें से अधिकांश की हालत जर्जर हो चुकी है। दूसरा पीने की पाइस के साथ-साथ सीवरेज की पाइप भी बिछाई हुई है। यही वजह है कि अकसर लीकेज की वजह से साफ पानी की पाइप लाइन में सीवरेज व नालियों का गंदा पानी घुस जाता है, जो टैप के जरिए लोगों को घरों में पहुंच जाता है। विभाग के एक कर्मचारी ने बताया कि एक जगह पर लीकेज पाइप की वजह से आसपास के 400 घर प्रभावित होते हैं। इस कारण खतरा बढ़ जाता है। पिछले दिनों पाइप लीकेज की वजह से गौरी शंकर मंदिर कालोनी में गंदा पानी सप्लाई हो रहा था। इस कालोनी में सीवरेज की पाइप लाइन टूटी हुई थी, जिस कारण गंदा पानी पीने के पानी की पाइप लाइन के जरिए लोगों के घरों में पहुंच रहा था।
एक महीने से मजबूरन पी रहे गंदा पानी
गांधीधाम कालोनी के लोग पिछले एक महीने से मजबूरन गंदा पानी पी रहे हैं। राम मंदिर से प्रवीन अस्पताल की ओर आने वाली सड़क पर तीन जगहों पर जलापूर्ति एवं जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा बिछाई गई पाइप लाइन तीन जगहों से लीक है। जिस कारण लोगों के घरों में गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। कालोनी के पूर्व पार्षद राजेश राठौर का कहना है कि संबंधित विभाग के अधिकारियों को बार-बार शिकायत देने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। कालोनीवासी ब्रजमोहन, बिहारी लाल, सुनीता, कमलेश, सुभाष, बांके बिहारी, नीलम, अशोक कुमार का कहना है कि पिछले एक महीने से उनके घर में गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। उन्होंने बताया कि सप्लाई के दौरान गली में लीकेज वाली जगहों पर पानी को बाहर बहते देखा जा सकता है। जब सप्लाई बंद होती है, तो गंदगी पाइप में चली जाती है, जो दोबारा सप्लाई के समय टैप के जरिए लोगों के घरों में पहुंच रही है। उन्होंने बताया कि सुबह के समय जब पानी के लिए मोटर चलाते हैं, तो करीब 10 मिनट तक गंदा पानी आता है। इस वजह से उनकी पानी की टंकियों में गंदगी जमा हो गई है।
मीटर लगाने के बाद भी जेब पर बढे़गा दबाव
शहरवासियों का कहना है कि पानी के कनेक्शन पर मीटर लगाने से भले ही पानी की बर्बादी रुके न रुके लेकिन उनकी जेब पर दबाव बढ़ने जा रहा है। शहरवासी प्रवीन कुमार, योगेश कुमार, प्रवेश शर्मा व अजय का कहना है कि जिस तरीके से दूषित पानी सप्लाई किया जा रहा है, उस हिसाब से पहले 15-20 मिनट लोग पीने के लिए पानी भी नहीं भर सकते। ऐसे में जितनी देर सप्लाई का पानी चलेगा, उतना ही बिल चुकाना पडे़गा। लोगों का कहना है एक साल भर में पानी का बिल दोगुना हो गया है। पहले एक महीने का बिल 25 रुपये वसूल किया जाता था, उसे बढ़ाकर 60 रुपये कर दिया गया। अब मीटर के जरिए लोगों पर दोहरी मार मारी जा रही है। ट्विन सिटी में 25 हजार से ज्यादा कनेक्शनों पर मीटर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
गंदे पानी की वजह से फैला था डायरिया
कल्याण नगर, भगीरथ कालोनी के क्षेत्र में पिछले साल डायरिया फैल गया था। जिस कारण तीन लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 500 से ज्यादा लोग डायरिया से ग्रस्त हो गए थे। इसके अलावा जगाधरी की कई कालोनियों में भी पानी लीकेज की वजह से डायरिया फैल चुका है। इस बार अगर विभाग ने समय रहते पेयजल सप्लाई की व्यवस्था को दुरुस्त नहीं किया, तो हालत पहले की तरह होने में ज्यादा देर नहीं लगेगी।
कोट
जहां पर पानी की पाइप लीकेज है, उसे जल्द ही ठीक करवा दिया जाएगा। इसके अलावा जहां पर पाइप लाइन जर्जर हो चुकी है, उनका एस्टिमेट तैयार किया जा रहा है, ताकि उन्हें बदला जा सके। विभाग की पूरी कोशिश है कि लोगों को स्वच्छ पेयजल मुहैया करवाया जा सके।
- यशपाल, जेई, जलापूर्ति एवं जन स्वास्थ्य विभाग।