संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की तरफ से किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्रों पर अनुदान उपलब्ध करवाया जा रहा है। अनुदान हेतु विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। लाभार्थी किसानों का चयन कृषि विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन ड्रा के माध्यम से किया जाएगा। उप कृषि निदेशक आदित्य प्रताप डबास ने बताया कि 20 अगस्त तक व्यक्तिगत श्रेणी में 917 किसानों द्वारा कुल 1402 कृषि यंत्रों पर अनुदान हेतु ऑनलाइन आवेदन किया गया था।
किसानों को अधिकतम चार कृषि यंत्रों हेतु आवेदन करने का अवसर दिया गया था। इसलिए जिन किसानों ने एक से अधिक कृषि यंत्रों पर अनुदान हेतु आवेदन किया है उनको केवल एक ही यंत्र पर अनुदान का लाभ दिया जाएगा। जिन किसानों का चयन स्ट्रा बेलर हेतु किया जाएगा वह स्ट्रा रेक व रोटरी स्लैशर भी खरीद कर सकेंगे। सहायक कृषि अभियंता विनीत जैन ने बताया कि इस वित्त वर्ष 2025-26 में विभाग द्वारा धान की फसल की कटाई के बाद बचे हुए अवशेषों के प्रबंधन को सुगम बनाने के लिए फसल अवशेष प्रबंधन कृषि यंत्र जैसे कि बेलिंग मशीन, ट्रैक्टर माउंटिड लोडर, रिपर बाइंडर, स्ट्रा रेक, रोटरी स्लैशर, सुपर सीडर, रिवर्सिबल एमबी प्लो व स्ट्रा चोपर/मल्चर/श्रेडर पर अनुदान दिया जा रहा है। जिन 1402 कृषि यंत्रों पर अनुदान हेतु ऑनलाइन आवेदन किया गया था, उनमें से लाभार्थी किसानों का चयन पांच सितंबर को लघु सचिवालय के कमरा नंबर 203 में दोपहर 12 बजे डीसी पार्थ गुप्ता की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारिणी समिति की उपस्थिति में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति के किसानों ने 72 कृषि यंत्रों पर अनुदान हेतु आवेदन किया है। इन सभी का अनुदान हेतु चयन कर लिया गया है। अनुसूचित जाति के सभी किसान अपनी पसंद का कोई भी कृषि यंत्र खरीद सकेंगे। चयनित किसान को अपने आवश्यक दस्तावेज सहायक कृषि अभियंता यमुनानगर कार्यालय में सात सितंबर तक जमा करवाने होंगे। पात्र किसान अनुमोदित कृषि यंत्र निर्माताओं, उनके अधिकृत डीलर से इन कृषि यंत्रों की खरीद करके कृषि यंत्र का बिल, ई-वे बिल, स्वयं घोषणा पत्र व कृषि यंत्र के साथ लोकेशन सहित फोटो विभागीय पोर्टल पर 25 सितंबर तक अपलोड करने होंगे।