यमुनानगर। वर्कशॉप रोड स्थित राजेंद्रा साड़ी के संचालक बलदेव राज ने चार फाइनेंसरों पर रुपये चुकता करने के बाद भी ढाई लाख रुपये और मांगने का आरोप लगाया है। बलदेव का कहना है कि उसने आरोपियों से सात लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। वह आरोपियों को 9.31 लाख रुपये ब्याज व सात लाख रुपये मूल राशि दे चुका है। बावजूद इसके आरोपी ढाई लाख रुपये की और मांग कर रहे हैं। उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने चारों फाइनेंसरों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
वर्कशॉप रोड निवासी बलदेव राज ने पुलिस को शिकायत दी है कि उसकी वर्कशॉप रोड पर राजेंद्र साड़ी और वुमेन हब के नाम से दो दुकानें हैं। उसे साल 2017 में कुछ रुपयों की जरूरत थी। इस पर उसने नौ मार्च 2017 को फाइनेंसर रजविंद्र से दो लाख रुपये ब्याज पर लिए थे। इसके बाद तीन लाख और दो लाख रुपये और लिए थे। वह कुल सात लाख रुपये उनसे ले चुका था। तब उसने 12 चेक अपने और चार चेक अपनी पत्नी के बतौर सिक्योरिटी दिए थे। उस पैसे का वह समय पर ब्याज देता रहा। एक परमजीत नाम का व्यक्ति उसकी दुकान पर आता था और ब्याज की रकम लेकर चला जाता था। वह आरोपियों को नौ लाख 31 हजार 500 रुपये बतौर ब्याज दे चुका है। इसके अलावा 24 अप्रैल 2019 को वह अपनी पत्नी के साथ पांच लाख रुपये आरोपियों को उनके कार्यालय में जाकर नकद देकर आया था। वहीं, 26 अप्रैल 2019 को उसने दो लाख रुपये आरोपियों के खाते में जमा करा दिए थे। इस तरह से वह ब्याज समेत आरोपियों को 16 लाख 31 हजार पांच सौ रुपये दे चुका है। उसने अपने चेक और अन्य दस्तावेज मांगे तो आरोपी देने को तैयार नहीं हुए। अब उससे 2.50 लाख रुपये और मांग रहे हैं। इस शिकायत पर पुलिस ने मामले में आरोपी फाइनेंसर रजविंद्र सिंह उर्फ विक्की, परमजीत सिंह, बबलू व नवल के खिलाफ केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
धमकाने के आरोप गलत, निष्पक्ष जांच करें पुलिस: फाइनेंसर
फाइनेंसर रजविंद्र ने बताया कि उन्होंने शिकायतकर्ता पर न तो कभी फोन किया और न ही उनकी दुकान या घर जाकर धमकाया। उसने झूठी शिकायत दी है। जो पैसे उन्होंने दिए हैं और उससे ब्याज आया है। उसका पूरा रिकॉर्ड उनके पास है। उन्हें पुलिस पर पूरा भरोसा है। पुलिस इसमें निष्पक्ष जांच करें। ताकि सच्चाई सामने आए।
जांच अधिकारी एसआई मेम सिंह का कहना है कि चारों आरोपियों पर केस दर्जकर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे, उन्हीं अनुसार कार्रवाई की जाएगी।