साढौरा में निर्माणाधीन सीएचसी। आर्काइव
साढौरा। साढौरा खंड के लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी राहत मिलने जा रही है। लंबे इंतजार और संघर्ष के बाद साढौरा में 50 बेड का नया सरकारी अस्पताल आकार ले रहा है। करीब 33 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा यह अस्पताल 18 कनाल 18 मरला भूमि पर तैयार किया जा रहा है।
अस्पताल के शुरू होने से साढौरा खंड के 80 गांवों की लगभग 90 हजार आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। फिलहाल गंभीर मरीजों को यमुनानगर या अन्य बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। नया अस्पताल शुरू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक दूर हो जाएगी।
एसएमओ डॉ. धर्मेश सैनी के अनुसार निर्माणाधीन अस्पताल भवन का बाहरी हिस्सा लगभग पूरा हो चुका है। वहीं, अंदरूनी कार्य जैसे वार्ड, ओपीडी कक्ष, ऑपरेशन थिएटर, लैब और अन्य सुविधाओं का काम तेजी से चल रहा है। अस्पताल को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इसमें इमरजेंसी सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, सामान्य सर्जरी, दवा वितरण केंद्र और जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
वर्षों के संघर्ष के बाद मिली सौगात, लोगों में खुशी
साढौरा। क्षेत्र में अस्पताल की मांग वर्षों से उठती रही है। क्षेत्रवासियों ने इसके लिए कई बार आंदोलन, ज्ञापन और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि खंड के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी थी। छोटे-मोटे इलाज के लिए भी लोगों को जिला मुख्यालय जाना पड़ता था। अब 50 बेड का अस्पताल बनने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक राहत मिलेगी। यह अस्पताल न केवल साढौरा बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी एक बड़ा स्वास्थ्य केंद्र साबित होगा। इससे प्राथमिक और द्वितीयक स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत होंगी और मरीजों पर आर्थिक बोझ भी कम पड़ेगा।