यमुनानगर। शातिर ठगों ने जिले के रामनगर निवासी युवक कुनाल को कनाडा का वर्क वीजा दिलाने का झांसा देकर उससे करीब तीन लाख रुपये ठग लिए गए। एक साल तक इंतजार कराने के बाद न वीजा मिला और न ही रकम वापस हुई, उल्टा पैसे मांगने पर आरोपी एजेंटों ने युवक को धमकाना शुरू कर दिया। पीड़ित की शिकायत पर फर्कपुरा थाना पुलिस ने चंडीगढ़ निवासी विजय सिसोदिया और साहिल के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
कुनाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वह विदेश जाकर काम करना चाहता था। जनवरी 2025 में उसने इंस्टाग्राम पर एक विज्ञापन देखा, जिसमें कम खर्च और कम समय में कनाडा का वर्क वीजा दिलाने का दावा किया गया था। विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर उसे चंडीगढ़ स्थित दफ्तर में बुलाया गया। वहां विजय सिसोदिया और साहिल से मुलाकात हुई। दोनों ने खुद को अनुभवी इमिग्रेशन एजेंट बताते हुए कहा कि उनके कई जानकार पहले से कनाडा में काम कर रहे हैं और उन्हीं के जरिए स्पॉन्सरशिप कराकर कुनाल का वीजा भी लगवा दिया जाएगा। आरोपियों ने बातों में उलझाकर जल्द वीजा लगने का भरोसा दिलाया और अलग-अलग किस्तों में कुल 3,10,754 रुपये ले लिए। इसमें कुछ रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करवाई गई, जबकि शेष नकद ली गई। कुनाल के अनुसार, अप्रैल महीने में चंडीगढ़ में बुलाकर उसकी बायोमेट्रिक प्रक्रिया भी करवाई गई, जिससे उसे भरोसा हो गया कि उसका काम सही दिशा में चल रहा है। इसके बाद वह वीजा आने का इंतजार करता रहा। कई माह बाद भी उसे कोई जानकारी नहीं दी गई।
पैसे मांगने पर धमकी
कुनाल ने बताया कि जब काफी समय बाद एजेंटों से संपर्क करने की कोशिश की तो पहले फोन उठाने से टालमटोल की गई। बाद में संपर्क हुआ तो उसे साफ शब्दों में दोबारा फोन न करने की धमकी दी गई। कुनाल का कहना है कि बीते एक साल से वह आर्थिक और मानसिक तनाव में है। उधर, पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए हो रही इमिग्रेशन ठगी के मामलों पर गंभीरता से कार्रवाई की जा रही है।