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Yamuna Nagar News: तीन दिन में कृषि योग्य यूरिया के 700 कट्टे पकड़े

Mon, 28 Apr 2025 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। कैत व जगाधरी में तीन दिन में कृषि योग्य यूरिया के 700 कट्टे पकड़े जा चुके हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारी भले ही जितना बड़ा दावा कर लें, लेकिन अभी तक वह पूरी तरह से यूरिया की तस्करी पर अंकुश नहीं लगा पाए हैं। जिस यूरिया का इस्तेमाल फसल में होना चाहिए वह प्लाईवुड फैक्टरियों में ग्लू बनाने और प्लाईबोर्ड चिपकाने के काम आ रहा है।
कृषि योग्य यूरिया तस्करी और मुनाफे का यह खेल काफी बड़ा है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि फरवरी माह में केंद्रीय उर्वरक मंत्रालय की टीम भी गोदामों का औचक निरीक्षण करके सैंपल ले चुकी है। कृषि विभाग के अधिकारी एफआईआर दर्ज करवा कर मामला पुलिस को सौंप देते हैं। इसके बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की इसका कोई खुलासा तक नहीं किया जाता
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। पिछले साल कृषि विभाग ने औद्योगिक इकाइयों से तकनीकी ग्रेड यूरिया के जो 23 सैंपल लिए थे, उनमें से दो में नीम ऑयल कोटेट पाया गया था। यूरिया तस्कर कृषि विभाग और पुलिस को चकमा देने के लिए नए-नए तरीके खोज कर लाते हैं। अगस्त माह में दुसानी में जो यूरिया पकड़ा गया था तब वहां नमक व तकनीकी ग्रेड यूरिया के खाली कट्टे भी मिले थे। गोदाम में नमक के 500 खाली कट्टे मिले थे। नमक व तकनीकी ग्रेड के खाली कट्टों में कृषि ग्रेड यूरिया को भर कर तस्करी किया जाता था।
तकनीकी ग्रेड यूरिया व कृषि यूरिया को एक साथ नहीं रखा जा सकता। कृषि योग्य यूरिया की तस्करी का सबसे बड़ा कारण इसके रेट में कमी होना है। दरअसल कृषि ग्रेड यूरिया पर सरकार सब्सिडी देती है। तकनीकी ग्रेड यूरिया का बैग बिना सब्सिडी के आता है जिसकी कीमत 2200 रुपये प्रति बैग है। जबकि कृषि ग्रेड यूरिया का बैग सब्सिडी के बाद 267 रुपये का मिलता है। कृषि ग्रेड यूरिया को तकनीकी ग्रेड यूरिया के खाली बैग में भी भरकर बेचा जाता है। फैक्ट्रियों में यूरिया से ग्लू बनाया जाता है जो प्लाईबोर्ड बनाने में इस्तेमाल होता है।
अक्तूबर में भी पकड़ा था 550 कट्टों से भरा ट्रक
गत अक्तूबर को रादौर में भी इसी तरह से कृषि योग्य यूरिया के 550 कट्टों से भरा ट्रक पकड़ा गया था। ट्रक यूरिया लेकर पंजाब से यमुनानगर की एक प्लाईवुड फैक्ट्री में आ रहा था। कृषि विभाग की एक टीम ने कुरुक्षेत्र-यमुनानगर बॉर्डर पर पंजाब नंबर के ट्रक को पकड़ा था। उस दौरान भी चालक किसी तरह का कोई ई-वे बिल और अन्य दस्तावेज नहीं दिखा सका। तब पुलिस की ओर से चालक, ट्रक के मालिक और अन्य के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, फर्टिलाइजर ऑर्डर 1985 एवं फर्टिलाइजर मूवमेंट कंट्रोल ऑर्डर 1973 के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी।
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कृषि योग्य यूरिया की तस्करी रोकने के लिए विभाग पूरी तरह से मुस्तैद है। जहां से इनपुट मिलता है वहां पर छापामारी की जाती है। विभाग की कार्रवाई चलती रहती है। जहां सैंपल फेल मिलते हैं वहां भी कार्रवाई की जाती है। -डॉ. आदित्य डबास, उपनिदेशक कृषि विभाग।
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