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Yamuna Nagar News: मेले में रहेंगी डिपो की 70 से 90 बसें

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राहुल शर्मा
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यमुनानगर। कपाल मोचन मेले में यमुनानगर डिपो की करीब 70 से 90 रोडवेज बसें चलाने की तैयारी है। इससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को राहत होगी, पर मेले के पांच दिन अन्य रूटों के यात्रियों को बसें न मिलने या देरी से मिलने पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। चूंकि मेले में डिपो की 70 से 90 बसें चलाने की तैयारी है, जिसके बाद अन्य रूटों के संचालन को 80 से 100 बसें रह जाएंगी।
इस तरह बसों की संख्या कम होने पर कई रूटों पर बसों के फेरे कम होने सहित कुछ रूट बंद होने की भी आशंका है, जिनके यात्रियों की मुसीबत बढ़ सकती है। यमुनानगर डिपो पर रोडवेज बसों की संख्या 171 हैं। इनमें भी कई बसें सर्विस के लिए वर्कशॉप में रहती हैं।
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रूटीन में डिपो से करीब 160 बसें ऑन रूट रहती हैं। इन्हीं बसों में करीब 70 से 90 बसों को 11 से 15 नवंबर तक लगने वाले अंतरराज्यीय मेले में लगाने की तैयारी की जा रही है। इससे अन्य लोकल व लांग रूटों पर बसों का शेड्यूल बिगड़ेगा। इन्हीं रूटों से बसें हटाकर मेले में चलाई जानी है।
इस कारण सबसे ज्यादा बसों के फेरे वाले दिल्ली रूट पर बसों के फेरे कम होना तय है। ऐसे ही कुछ लोकल व लांग रूटों को बंद या उन पर बसों के फेरे कम हो सकते हैं। फिलहाल रोडवेज अफसर मेले के लिए चलाई जाने वाली बसों के रूट व समय तय कर रहे हैं, जिसमें प्रयास किया जा रहा है कि मेले के ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को बस सेवा दी जाए और साथ ही अन्य रूटों पर भी यात्रियों को दिक्कत न हो।
चुनौती : विद्यार्थियों व नौकरीपेशा को बस सेवा
मेले के दौरान सबसे बड़ी चुनौती जिले व जिले के बाहर स्थित शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को बस सेवा देना रहेगा। क्योंकि अभी भी शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को बसों की कमी के चलते दरवाजों के पायदान पर लटक कर या छत पर बैठ सफर करते देखा जा सकता है, वहीं मेले में बसों की संख्या और कम होने पर विद्यार्थियों का शिक्षण संस्थानों के लिए आने-जाने में हालात और बिगड़ सकते हैं।
विद्यार्थियों के अलावा रोडवेज बसों से आने-जाने वाले नौकरीपेशा वर्ग को भी मेले के दौरान रूटों पर बस सेवा में कटौती से दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। रोडवेज बस से सफर करने वाले विद्यार्थियों में राजेश, सन्नी, भूपेश, अरविंद ने कहा कि यह सही है कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को आने-जाने में राहत के लिए बस सेवा दी जाए, पर साथ ही शिक्षण संस्थानों में रोज आने-जाने वाले हजारों छात्र-छात्राओं का भी ध्यान रखना चाहिए।
रोडवेज अफसरों को ऐसा रूट मैप तैयार करना चाहिए, जिससे श्रद्धालुओं और विद्यार्थियों, दोनों को ही किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए अन्य जिलों से रोडवेज बसें मंगवाने सहित स्थानीय निजी बसों का भी सहारा लिया जा सकता है।
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वर्जन
कपाल मोचन मेले के लिए बसें चलाने को लेकर तैयारी कर रहे हैं। अभी बसों के रूट व समय तय कर रहे हैं, जिस पर उनके परमिट लिए जा सकें। दो दिन में मेले के लिए बसों का रूट मैप तैयार हो जाएगा। प्रयास रहेगा कि मेले में ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालुओं को बस सेवा दी जाए और साथ ही अन्य रूटों के यात्रियों को भी परेशानी न हो।
भीम सिंह, ड्यूटी इंस्पेक्टर, यमुनानगर डिपो।
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