संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में कोरोना संक्रमण कहर ढा रहा है। पिछले एक महीने के दौरान 5000 के सामने आए हैं।जिला प्रशासन ने बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुए जिले के सभी निजी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि आईसीयू और वेंटिलेटर की सुविधा का 70 फीसदी हिस्सा कुर्मी के मरीजों के लिए आरक्षित रखा जाए।
कोरोना संक्रमण के कारण लोगों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार को रिकार्ड 12 लोगों का दाह संस्कार कोरोना गाइडलाइन के अनुसार किया गया। यह अब तक की सबसे ज्यादा संख्या हैं। जबकि स्वास्थ्य विभाग ने तीन लोगों की कोरोना से मौत की पुष्टि की है। जगाधरी श्मशान घाट में तीन लोगों का अंतिम संस्कार किया गया। इनमें शाहपुर निवासी 66 वर्षीय वृद्ध, परवालो निवासी 37 वर्षीय युवक और अशोक विहार निवासी 67 वर्षीय बुजुर्ग महिला का संस्कार किया गया। इसके अलावा यमुनानगर श्मशान घाट में नौ मृतकों का कोरोना नियमावली के अनुसार दाह संस्कार किया गया।
वहीं हर दिन संक्रमितों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। जिले में बुधवार को 298 नए संक्रमित लोग मिले। वहीं 211 लोगों ने कोरोना को मात दी है। अब जिले में कुल 1455 सक्रिय मरीज हो गए हैं। 1253 लोगों को घर में ही आइसोलेट किया गया है, जबकि 202 लोगों की हालात गंभीर होने के कारण जिले के सरकारी व निजी अस्पताल में रखा गया है। विभाग की ओर से अब तक जिले में कुल दो लाख 73 हजार 444 लोगों के नमूने लिए जा चुके हैं। जिसमें से दो लाख 55 हजार लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जबकि विभाग को अभी 2706 लोगों की रिपोर्ट का इंतजार है। जिले में कुल 14 हजार 158 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। वहीं 12495 संक्रमित कोरोना को मात दे चुके हैं। वहीं मरीजों की रिकवरी दर फिलहाल 88.25 फीसदी है। संक्रमण दर 5.17 फीसदी है।
महिला की मौत का अस्पताल पर आरोप
पुराना हमीदा क्षेत्र की रहने वाली 50 वर्षीय महिला किडनी व शुगर की बीमारी से पीड़ित थी। तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उसे शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। इस दौरान महिला कोरोना संक्रमित मिली। इस बीच उसकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। वेंटीलेटर न होने पर अस्पताल ने उसे रेफर कर दिया। जिसके बाद परिजन उसे अन्य निजी अस्पताल ले गए। चिकित्सकों ने उसे तुरंत भर्ती कर लिया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ती गई और कुछ देर बाद ही महिला की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगया। चिकित्सकों ने उन्हें समझाया कि मरीज की हालत बेहद गंभीर थी। चिकित्सीय स्तर पर जो प्रयास किए जा सकते थे, वे सभी किए गए।
इस माह आए 5 हजार मामले : मुकुल कुमार
डीसी मुकुल कुमार ने बताया कि इस माह कोरोना के पांच हजार से ज्यादा मामले रिपोर्ट हुए हैं। ऐसे में कोविड अस्पतालों में बिस्तरों की कमी हो सकती है। उन्होंने बताया कि ऐसी स्थिति से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने ठोस कदम उठाए हैं और चयनित निजी अस्पतालों में कोराना मरीजों के लिए बेड आरक्षित करने के निर्देश जारी किए हैं। सभी सार्वजनिक व निजी अस्पतालों में कम से कम कुल बिस्तरों का 50 प्रतिशत आम वर्ग के लिए तथा आईसीयू व वेंटिलेटर सुविधाओं से युक्त 70 प्रतिशत बिस्तर कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित रखने होंगे। इनकी अदला बदली के लिए अस्पताल प्रशासन को डीसी से अनुमति लेनी होगी।