फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: मुकारबपुर में डायरिया के 65 मरीज

विज्ञापन
मुकारबपुर गांव में काटा गया कनेक्शन। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

यमुनानगर। मुकारबपुर में डायरिया फैलने के बाद सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुंची। टीम ने गांव के 297 घरों में सर्वे किया, जिसमे डायरिया के 65 केस मिले। दो लोगों की हालत गंभीर है। आठ मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं गांव में पानी की जांच को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग की आपस में ठन गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने गांव से पानी के 22 सैंपल लिए, जिनका मौके पर ही ओटी टेस्ट किया गया। स्वास्थ्य विभाग ने जांच में पानी को पीने लायक नहीं बताया। वहीं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पानी के सैंपल की जांच पर सवाल उठाए हैं। विभाग का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पानी के सैंपल मुख्य सप्लाई से न लेकर टंकियों के पानी से लिए हैं।
विज्ञापन

ऐसे में सैंपल लेने का स्वास्थ्य विभाग का तरीका सही नहीं है। क्योंकि जनस्वास्थ्य विभाग ने गांव में अलग-अलग घरों से ताजे पानी से सैंपल लिए जो कि जांच में सही मिले। गांव के आखिरी घर में भी पानी में क्लोरीन की मात्रा मिली। गांव के गुरमीत की पत्नी शीला देवी, राजन उर्फ विंटर, राजन की पत्नी दिव्या, रामशरण व ममता, सात साल का शिवांश और बलवंत की पत्नी रीना को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कपूर अस्पताल में उपचाराधीन गुरमीत को डॉक्टर ने रेफर कर दिया। परिजनों ने उन्हें अब गाबा अस्पताल में भर्ती कराया। गुरमीत के अलावा उनकी पत्नी शीला व बेटी रमन कौर भी अस्पताल में भर्ती हैं। गुरमीत व शीला की हालत नाजुक है। जनस्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव में चार-पांच पेयजल कनेक्शन भी काटे। यह कनेक्शन नाली से गुजर रहे थे। गांव में पानी की सप्लाई के लिए जनस्वास्थ्य विभाग की तरफ से दो टैंकर दिए गए हैं। लोग अब इन्हीं टैंकर का पानी पी रहे हैं।
सिविल सर्जन यमुनानगर डाॅ. मंजीत सिंह ने बताया कि गांव मुकारबपुर में डायरिया केस की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 297 घरों का सर्वे किया गया। जिसमें डायरिया के 65 केस पाए गए। आठ मरीज जिले के अलग-अलग प्राइवेट अस्पतालों में दाखिल हैं। पानी के 16 सैंपल लेकर बैक्टीरियॉलॉजिकल जांच के लिए डीपीएचएल लैब यमुनानगर में भेजे गए हैं।
16 रक्त के सैंपल लिए गए जिनकी हेपेटाइटिस-ए और हेपेटाइटिस-ई के टेस्ट किए जाएंगें। वहीं नौ लोगों के मल के सैंपल भी लिए गए हैं। उन्होंने लोगों से अपील की है कि पानी को उबाल कर पीएं और बासी खाना न खाएं। खाना खाने से पहले और शौच जाने के बाद हाथों को साबुन से अच्छे से धोएं।
ओटी टेस्ट में 22 सैंपल फेल : डॉ. वागीश

जिला निगरानी अधिकारी डाॅ. वागीश गुटैन ने बताया कि मुकारबपुर में दो जगह पानी की लीकेज पाई गई है। पानी के 22 ओटी टेस्ट किए गए जो कि जो पीने लायक है। बैक्टीरिया की जांच के लिए भी पानी के सैंपल जिला लैब में भेजे गए हैं। यदि किसी व्यक्ति को डायरिया की शिकायत होती है तो अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर इलाज कराएं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जन स्वास्थ्य विभाग को पानी की लीकेज बारे में सूचित कर दिया गया है।
विज्ञापन

टंकी से सैंपल नहीं लिए जाते : एसडीओ

जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ संजीव रोहिला ने बताया कि गांव में अब कहीं भी पानी की लीकेज नहीं है। गांव की आखिरी गली में मुख्य लाइन को खोल कर साफ किया गया। हमने अलग-अलग घरों से ताजे पानी के सैंपल लिए, जो ओटी टेस्ट में पास मिले। ट्यूबवेल का पानी पीने लायक है। स्वास्थ्य विभाग ने ताजे पानी के बजाय छतों पर रखी टंकियों से पानी के सैंपल लिए। टंकियों में पता नहीं कितने दिन पुराना पानी भरा होगा।

मुकारबपुर गांव में काटा गया कनेक्शन। संवाद

मुकारबपुर गांव में काटा गया कनेक्शन। संवाद

मुकारबपुर गांव में काटा गया कनेक्शन। संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें