संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कपालमोचन-आदिबद्री क्षेत्र में सोमवार से शुरू हो रहे अंतरराज्यीय मेले में श्रद्धालुओं के आने-जाने की सुविधा को यमुनानगर डिपो की पहले दिन 68 रोडवेज बसें चलने की तैयारी है। इसके लिए चार रूट तय किए गए हैं, जिनमें सबसे अधिक बसें कपालमोचन-आदिबद्री रूट पर लगाने की योजना है, जहां करीब 30 बसों को चलाया जाएगा। अन्य तीन रूटों में यमुनानगर बस स्टैंड 15, रेलवे स्टेशन 15, अंबाला पांच बसें प्रस्तावित हैंं।
अगले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या के साथ चारों रूटों पर बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। यमुनानगर डिपो पर रोडवेज बसों की संख्या 171 हैं। इनमें कई बसें सर्विस के लिए वर्कशॉप में रहती हैं। रूटीन में डिपो से करीब 160 बसें ऑन रूट रहती हैं। इनमें पहले दिन 68 बसों को मेले के चार रूटों पर लगाने के बाद अन्य रूटों के संचालन के लिए करीब सौ बसें रह जाएंगी।
इसमें भी मेले के अगले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ साथ डिपो की बसों की संख्या भी मेले के रूट पर बढ़ाई जाएगी। मेले के आखिरी के दो दिन नाममात्र बसों को छोड़ सभी बसों को मेले के रूटों पर चलाने की तैयारी है। हालांकि इससे मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत होगी।
मेले के पांच दिन अन्य रूटों पर बसें ना मिलने या उनके फेरे कम होने से यात्रियों की परेशानी बढ़ती तय है। मेले के रूटों पर बसें भेजने से डिपो से चल रहे लोकल व लांग रूटों से बसें व उनके फेरे कम करने पड़ेंगे। इससे खासकर विद्यार्थियों व नौकरीपेशा लोगों को अपने रूटों पर मेले के दौरान बसें ना मिलने से परेशानी हो सकती है।
मेले के पहले दिन करीब 65 से 70 बसें चलाने की योजना है। इसके बाद मेले के अगले दिनों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने पर मेले के रूटों पर बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। पूरा प्रयास रहेगा कि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। - भीम सिंह, ड्यूटी इंस्पेक्टर, यमुनानगर डिपो।