संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। कूड़े के ढेर, जाम नालियां और गलियों में बहता गंदा पानी। करीब 184 वर्ग किलोमीटर में फैले नगर निगम क्षेत्र की हकीकत यही है। सफाई व्यवस्था इस कदर चरमरा गई है कि पार्षदों के मोबाइल दिनभर शिकायतों से घनघनाते रहते हैं। कारण यह है कि सफाई के लिए महज 629 कर्मचारी। वहीं घोषणा के बाद भी 600 अतिरिक्त सफाई कर्मियों की तैनाती नहीं हो सकी है।
नगर निगम को हरियाणा कौशल रोजगार निगम लिमिटेड (एचकेआरएनएल) के माध्यम से 600 सफाई कर्मचारी मिलने थे। मेयर सुमन बहमनी इस मुद्दे को लेकर लगातार मुख्यमंत्री और शहरी निकाय मंत्री से संपर्क में रहीं, लेकिन अब तक नियुक्ति पर न तो स्पष्ट स्वीकृति मिली और न ही कोई समय सीमा तय हुई।
सोमवार को सदन की बजट बैठक में अधिकारियों ने भी साफ कर दिया कि यदि 600 कर्मचारी मिलते हैं तो ठीक, अन्यथा एजेंसी के माध्यम से टेंडर जारी कर सफाई कर्मियों की व्यवस्था करनी होगी। स्थिति यह है कि वार्ड स्तर पर सफाई पूरी तरह प्रभावित है। वार्ड 17 के पार्षद दीक्षित कुमार का कहना है कि उनके वार्ड में 14 कॉलोनियां हैं, लेकिन सफाई कर्मचारी केवल 15 हैं।
इतने कम कर्मचारियों से नियमित सफाई संभव नहीं। कई स्थानों पर नालियां जाम हैं और गंदा पानी गलियों में जमा है। वहीं वार्ड 13 के पार्षद श्याम लाल ने बताया कि उनके वार्ड में 230 गलियां हैं, जबकि सफाई कर्मचारी मात्र 10 है। इनमें से भी रोज कोई न कोई अवकाश पर रहता है। ऐसे में पूरी व्यवस्था लड़खड़ा जाती है।
शहर के प्रमुख बाजारों में रात के समय सफाई के लिए नाइट स्वीपिंग मशीन लाने की योजना भी अब तक कागजों में ही सिमटी है। योजना के अनुसार बाजारों की सफाई मशीन से कराकर वहां तैनात कर्मचारियों को कॉलोनियों में लगाया जाना था, ताकि रिहायशी इलाकों की स्थिति सुधरे। मेयर बहमनी का कहना है कि पहली सदन बैठक से यही आश्वासन मिल रहा है कि मशीन जल्द आएगी, लेकिन आज तक कोई स्पष्ट तारीख नहीं बताई गई।
पार्षदों को जनता को जवाब देना पड़ता है, इसलिए अधिकारियों को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कर्मचारियों की कमी के कारण कई क्षेत्रों में सफाई नहीं हो रही। नालियों की सफाई बाधित है। गंदगी के चलते बीमारियों का खतरा भी बढ़ रहा है। पार्षदों का कहना है कि यदि जल्द ही अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती नहीं हुई तो हालात और बिगड़ेंगे। मामला 600 कर्मचारियों की नियुक्ति और नाइट स्वीपिंग मशीन की खरीद के बीच उलझा हुआ है।
कर्मचारियों की कमी से सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है। नाइट स्वीपिंग मशीन के बारे में सुनते-सुनते एक साल होने वाला है। यदि एचकेआरएनएन के तहत 600 कर्मचारी रखने बारे भी बातचीत चल रही है। - सुमन बहमनी, मेयर, यमुनानगर जगाधरी नगर निगम।