संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापनगर। हथिनीकुंड बैराज के निकट पश्चिमी यमुना नहर की लिंक चैनल पर सोमवार को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग, हरियाणा के पांच दिवसीय राज्य स्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ हुआ। शिविर में प्रदेशभर से 46 प्रशिक्षक और 14 मुख्य प्रशिक्षक भाग ले रहे हैं। प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य बाढ़ एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों के लिए दक्ष मानव संसाधन तैयार करना है।
शिविर का उद्घाटन करते हुए डीसी प्रीति ने कहा कि किसी भी तैराक के लिए मानसिक रूप से मजबूत होना बेहद जरूरी है। पानी में उतरने से पहले अपनी ऊर्जा और आत्मविश्वास को बनाए रखना चाहिए, तभी पानी पर विजय प्राप्त की जा सकती है। एक अच्छा और प्रशिक्षित तैराक किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि जब भी बाढ़ जैसी आपदा आती है, तब प्रशिक्षित लोग ही राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी ढंग से अंजाम दे पाते हैं। किसी भी प्रकार का प्रशिक्षण व्यक्ति के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उसमें कार्यकुशलता भी विकसित करता है। उन्होंने बताया कि इससे पहले कुरुक्षेत्र और रोहतक में राज्य स्तरीय बाढ़ राहत प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जा चुके हैं।
जिला राजस्व अधिकारी तरुण सहोता ने कहा कि इस प्रशिक्षण शिविर से प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए इस प्रकार का प्रशिक्षण अत्यंत उपयोगी है। शिविर में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा आग, भूकंप और अन्य आपदाओं से निपटने के तरीके भी सिखाए जाएंगे।
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चारपाई की मदद से नाव बनाना सिखाएंगे
मुख्य प्रशिक्षक मुकेश ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को चलते पानी में मोटर बोट चलाना, चप्पू से नाव संचालन, तैराकी, प्राथमिक उपचार और बचाव तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही उन्हें यह भी सिखाया जाएगा कि पानी की खाली बोतलों से अस्थायी लाइफ जैकेट और चारपाई की मदद से नाव कैसे तैयार की जा सकती है। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद प्रतिभागी अपने-अपने गांवों में जाकर लोगों को आपदा से बचाव और राहत कार्यों के बारे में जागरूक करेंगे।