संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। इंस्पायर अवार्ड योजना में आवेदन करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। विद्यार्थी 15 अक्टूबर तक इंस्पायर अवार्ड योजना के लिए अपने आइडिया दे सकते हैं। योजना के तहत विद्यार्थियों को आइडिया देना होगा। आइडिया चयनित होने पर शिक्षा विभाग की ओर से 10 हजार रुपये रुपये मॉडल बनाने के लिए दिए जाएंगे। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 15 सितंबर थी। जिले से अब तक 550 विद्यार्थियों ने आवेदन किया है।
विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच बढ़ाने के उद्देश्य से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से इंस्पायर अवार्ड योजना चलाई जा रही है। इसके तहत देशभर के सरकारी एवं निजी स्कूलों में पढ़ने वाले छठी से 10वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के मौलिक विचारों और नव प्रवर्तनों के नए अद्वितीय विचार ऑनलाइन मांगे गए हैं।
इस प्रतियोगिता में 10 से 15 वर्ष तक के विद्यार्थी भाग ले सकते हैं। प्रदेश में करीब 12000 से ज्यादा आवेदन किए जा चुके हैं। योजना के तहत एक ब्लॉक से करीब 250 आइडिया भेजने हैं। प्रदेश के पांच जिले ऐसे हैं, जहां के विद्यार्थी आइडिया देने सबसे आगे हैं। इनमें महेंद्रगढ़, कुरुक्षेत्र, सिरसा, करनाल, हिसार जिले शामिल हैं।
यह योजना 2013-14 में शुरू हुई थी। योजना के तहत प्रदेशभर के स्कूलों से विद्यार्थियों भाग लेते हैं। योजना के तहत एक स्कूल से पांच बेस्ट आइडिया चयन कर जिलास्तर पर भेजे जाएंगे। जिलास्तर पर आइडिया चयनित होने पर उसे मॉडल का रूप देने के लिए विद्यार्थी को 10 हजार रुपये मिलेंगे।
इसके बाद जिला स्तर से आइडिया अगर राज्य स्तर पर चयनित होता है, तो विद्यार्थी को 50 हजार रुपये मॉडल के लिए मिलेंगे। पिछले आवेदन में जिले के 499 आइडिया भेजे गए थे। जिसके जिले के 42 विद्यार्थियों को 10 हजार रुपये की राशि दी मिली थी।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ विशाल सिंघल ने बताया कि योजना के तहत 15 अक्टूबर तक स्कूल आवेदन कर सकते हैं। योजना के तहत निजी व राजकीय स्कूलों से इंस्पायर अवॉर्ड मानक स्कीम के तहत श्रेष्ठ विचार चुना जाएगा। हर स्कूल से पांच आइडिया चयनित किए जाएंगे। 60 श्रेष्ठ आइडिया राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित किए जाएंगे।
श्रेष्ठ 60 विचारों का राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयन होगा। जिन्हें राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित किया जाएगा। यह योजना विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग नई दिल्ली के अंतर्गत नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन की ओर से चलाई जा रही है। इसके तहत विद्यार्थियों को अपने आसपास घट रही समस्याओं के निदान पर आइडिया देना हैं।