संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। केंद्र की सहायता से संचालित जिले के एकमात्र पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय गुलाबगढ़-चुहड़पुर की छठी कक्षा में प्रवेश के लिए शनिवार को परीक्षा हुई। परंतु इस दौरान परीक्षार्थियों की संख्या अपेक्षाकृत काफी कम रही। सभी केंद्रों पर विद्यार्थियों की उपस्थिति मात्र 52 प्रतिशत रही। परीक्षा के लिए जिले के सभी खंडों में कुल 12 केंद्र बनाए गए थे। प्रवेश परीक्षा के लिए जिलेभर के सरकारी व निजी स्कूल के कुल 2626 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। परंतु शनिवार को मात्र 1387 ही परीक्षा देने पहुंचे। सभी केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। इसे लेकर नवोदय विद्यालय, शिक्षा विभाग व जिला प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक प्रबंध किए गए थे। सभी केंद्रों के बाहर पुलिस तैनात रही। परीक्षा के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी व जवाहर नवोदय स्कूल की ओर से उड़नदस्ते बनाए गए थे। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी सुमन बहमनी व जवाहर नवोदय स्कूल के प्रिंसिपल सुरेंद्र सिंह शेखावत ने भी कई केंद्रों का निरीक्षण किया। बता दें कि केंद्र की ओर से संचालित जवाहर नवोदय जिले का एकमात्र विद्यालय है। जिसमें प्रवेश पाने के लिए विद्यार्थियों को परीक्षा देनी होती है। छात्रवास सुविधा युक्त केंद्रीय विद्यालय में आधुनिक, रोजगारपरक व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पढ़ाई करवाई जाती है। स्कूल विद्यार्थियों के रहने, खाने पीने, पढ़ाई सहित अन्य तमाम खर्च सरकार की ओर से वहन किया जाता है। इस बार प्रवेश के लिए 2626 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। परंतु परीक्षा के लिए कुल 1387 विद्यार्थी ही पहुंचे और 1239 अनुपस्थित रहे। विद्यार्थियों की अनुपस्थिति पर शिक्षा विभाग व नवोदय विद्यालय ने मंथन शुरू कर दिया है।
निजी स्कूल नहीं देते परीक्षा की जानकारी
जवाहर नवोदय विद्यालय की ओर से छठी में प्रवेश के लिए हर साल आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। नवोदय स्कूल के प्राचार्य सुरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि इसके लिए विद्यालय की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी सहित जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूलों को जानकारी दी जाती है। वहीं स्कूलों को आवेदन के लिए लिंक दिया जाता है। जागरूक करने व लिंक जारी करने पर विद्यार्थी आवेदन कर देते हैं, जिस कारण आवेदन में विद्यार्थियों की संख्या अच्छी होती है। परंतु परीक्षा के लिए निजी स्कूल विद्यार्थियों को प्रेरित नहीं करते। चूंकि इसमें उनका नुकसान होता है। चूंकि निजी व पब्लिक स्कूलों में विद्यार्थियों की फीस जाती है। इसलिए अधिकांश संचालक नहीं चाहते कि उनके स्कूल विद्यार्थियों का चयन हो।
अधिकारियों ने परीक्षा केंद्रों का किया निरीक्षण
परीक्षा के लिए जिला शिक्षा विभाग सहित नवोदय विद्यालय की ओर से उड़नदस्ता दल बनाए गए थे। नवोदय विद्यालय की ओर से 22 अध्यापकों को लेकर दो-दो सदस्यों की टीमें बनाई गईं। जबकि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से एक उड़नदस्ता के अलावा सभी खंड शिक्षा अधिकारी के नेतृत्व में आठ दल बनाए गए थे। उड़नदस्ते ने सभी केंद्रों का निरीक्षण किया। जिला शिक्षा अधिकारी सुमन बहमनी ने चार केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान किसी केंद्र पर नकल या अन्य किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं मिली।