संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। करीब 1200 करोड़ रुपये की लागत से पांजूपुर में निर्माणाधीन गुरु तेग बहादुर मेडिकल कॉलेज के निर्माण में लगे 50 से अधिक मजदूर बीमार मिले हैं। इनमें से 22 मजदूरों को बुखार मिला। वहीं 20 मजदूर चर्म रोगों से ग्रस्त मिले। वहीं काफी मजदूर बदन दर्द, कब्ज व अन्य रोगों से ग्रस्त मिले।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मेडिकल कॉलेज में शिविर लगाकर मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच की गई। अब तक कॉलेज का करीब 47 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। इसके निर्माण में सैकड़ों की संख्या में मजदूर एजेंसी ने लगाए हैं। इसी साल दिसंबर तक एजेंसी को मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा करना है। एक माह से कड़ाके की सर्दी हो रही है। इसका सीधा असर यहां काम करने वाले मजदूरों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। खुले में होने के कारण भी मजदूरों को ठंड ज्यादा लग रही है।
इससे वह बुखार, खांसी, जुकाम की चपेट में ज्यादा आ रहे हैं। वहीं कॉलेज निर्माण में बड़ी मात्रा में सीमेंट का इस्तेमाल हो रहा है। माना जा रहा है कि सीमेंट की वजह से मजदूर चर्म रोग का शिकार ज्यादा हो रहे हैं। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से निरोगी योजना के तहत मेडिकल कॉलेज में मजदूरों की जांच के लिए शिविर लगाया गया। उप सिविल सर्जन एवं निरोगी कार्यक्रम की नोडल अधिकारी डॉ. दिव्या मंगला ने भी कैंप का निरीक्षण किया। कैंप में डॉ. शशी, डॉ. अनुराधा धीमान, डॉ. गीता बैनीवाल, डॉ. राज कुमार, आशीष, सोहन लाल, सर्वजीत के अलावा आरबीएसके की टीम ने मजदूरों के स्वास्थ्य की जांच की। इनर व्हील क्लब जगाधरी की तरफ से मजदूरों में फल वितरित किए गए।