संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। व्हाट्सएप पर भेजी जा रही एपीके (एंड्रॉयड पैकेज किट) फाइलें साइबर अपराधियों का नया हथियार बनती जा रही है। इसी कड़ी में सेक्टर-17 निवासी 62 वर्षीय बुजुर्ग के मोबाइल पर आई एपीके फाइल डाउनलोड करते ही उनके क्रेडिट कार्ड से 3.42 लाख रुपये की अनधिकृत ट्रांजेक्शन हो गई। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर थाना पुलिस को दी शिकायत में सेक्टर-17 निवासी सुशील कुमार बंसल ने बताया कि एक जुलाई को उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से एपीके फाइल भेजी गई। उन्होंने फाइल डाउनलोड कर ली। इसके कुछ समय बाद उन्हें पता चला कि उनके क्रेडिट कार्ड से 3,42,890 रुपये की अनधिकृत ट्रांजेक्शन हो चुकी है। बैंक से जानकारी लेने पर इसकी पुष्टि हुई।
इसके बाद उन्होंने संबंधित बैंक और साइबर क्राइम पुलिस को शिकायत दी।मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी विशाल सैनी ने बताया कि शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। ट्रांजेक्शन की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि रकम किस खाते में स्थानांतरित हुई। आरोपियों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक ने लोगों को किया सतर्क
पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने बताया कि सोशल मीडिया और मैसेजिंग एप के माध्यम से साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ठग खुद को बैंक अधिकारी, कस्टमर केयर प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ या परिचित बताकर लोगों का विश्वास जीतते हैं। इसके बाद वे लोन, इनाम, गेम या ऑनलाइन कमाई का झांसा देकर एपीके फाइल भेजते हैं। उन्होंने बताया कि जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को मोबाइल में इंस्टॉल करता है, उसमें मौजूद मैलवेयर सक्रिय होकर मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लेता है। इसके जरिए ठग कैमरा, माइक्रोफोन, गैलरी, कॉन्टैक्ट, बैंकिंग एप और ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बना लेते हैं। कई मामलों में अपराधी मोबाइल का रिमोट एक्सेस लेकर खाते से सीधे पैसे भी निकाल लेते हैं। एसपी ने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान नंबर से आई एपीके फाइल या संदिग्ध लिंक को डाउनलोड न करें। यदि ऐसी कोई फाइल प्राप्त होती है तो उसे तुरंत डिलीट करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं या नजदीकी साइबर पुलिस थाने में संपर्क करें।