जगाधरी। जिले की अनाज मंडियों में धान का उठान की गति धीमी होने से किसानों और आढ़तियों की परेशानी बढ़ गई है। मंडियों में चारों तरफ धान के ढेर लगे हैं। किसानों को फसल सुखाने के लिए जगह नहीं मिल रही है। अब तक मंडियों से केवल 68.46 प्रतिशत धान का ही उठान हो पाया है, जबकि करीब 32 प्रतिशत धान मंडियों में ही पड़ा है। उठान न होने से किसानों का भुगतान भी अटका हुआ है। ऐसे में किसानों को त्योहारों के दौरान घरेलू खर्च और अन्य जरूरतों की चिंता सता रही है।
धान उठान में देरी का प्रमुख कारण इस बार मिलर्स और मालवाहक ट्रकों की कमी सामने आ रही है। एजेंसियों की ओर से करीब 400 ट्रक लगाए जाने की बात कही गई है, लेकिन धान की आवक के मुकाबले ट्रकों की संख्या कम पड़ रही है। ट्रकों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे मंडियों से धान का उठान प्रभावित हो रहा है। मंडियों में धान की आवक लगातार जारी रहने के कारण स्थिति और चुनौतीपूर्ण होती जा रही है। उठान में तेजी नहीं आने से मंडियों में जगह की कमी बनी हुई है। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। किसानों को अपनी उपज फैलाकर सुखाने में दिक्कत आ रही है। वहीं, भुगतान में देरी के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि उठान की व्यवस्था में तेजी लाई जाएगी, ताकि मंडियों में जमा धान को जल्द हटाया जा सके और उन्हें समय पर फसल का भुगतान मिल सके। वहीं, डीसी प्रीति ने सभी एजेंसियों को उठान में तेजी लाने के आदेश दिए हैं।
यहां पर हुई इतनी आवक
जिले की 13 अनाज मंडियों में धान की आवक लगातार बढ़ रही है। अब तक जिले की मंडियों में कुल 2,13,575 मीट्रिक टन धान की आवक दर्ज की गई है। इसमें से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हैफेड और हरियाणा भंडारण निगम की ओर से धान की खरीद की गई है। वहीं, खरीदे धान में से करीब 68.46 प्रतिशत का उठान हो चुका है। इस दौरान सरस्वती नगर में सबसे ज्यादा 51,843 मीट्रिक टन धान की आवक हुई है। वहीं, जगाधरी में 35,616, रादौर में 27,502, व्यासपुर में 24,686 और छछरौली में 20,886 मीट्रिक टन धान की आवक दर्ज की गई। प्रतापनगर में 14,789, साढौरा में 15,310, रसूलपुर में 7,183, रणजीतपुर में 6,956, गुमथला राव में 3,883, खारवन में 2,729, जठलाना में 1,983 और यमुनानगर मंडी में 209 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। इस दौरान खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 93,566 मीट्रिक टन, हैफेड ने 74,536 मीट्रिक टन और हरियाणा भंडारण निगम ने 45,473 मीट्रिक टन धान की खरीद की है। संवाद
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