जगाधरी। आईटीआई प्रवेश की तीसरी ऑनलाइन प्रक्रिया बारिश की भेंट चढ़ गई। दो दिन भारी बारिश व जलभराव के कारण अंतिम दिन विद्यार्थी दाखिला लेने पहुंचे। हालात ऐसे रहे कि अंतिम दिन सुबह नौ से शाम पांच बजे तक कुल 35 ही दाखिले हो पाए, जबकि तीसरी वरीयता सूची की 190 सीटें रिक्त थीं। वहीं, बुधवार को प्रक्रिया का तीसरा चरण समाप्त हो गया। इस चरण में कुल पांच दिन में कुल 225 दाखिले हो पाए हैं और 149 सीटें इस चरण में रिक्त रह गईं। बारिश के कारण दाखिले कम होने से संस्थान की परेशानी बढ़ गई हैं। चूंकि चौथे चरण में सभी रिक्त सीटों पर दाखिले हो पाना संभव है।
इसके साथ ही नोडल आईटीआई की 798 सीटें भर गई हैं। वहीं, अब संस्थान की 506 सीटें रिक्त रह गई हैं। इसके अलावा 44 अन्य सीटें डीजीटी की मैपिंग के कारण अभी तक प्रक्रिया में शामिल नहीं की गई हैं। मैपिंग में लगी 44 सीटें चौथे चरण में शामिल की जाएंगी। इसके बाद चौथे चरण में रिक्त सीटों की संख्या 550 हो जाएगी।
जिले के सबसे बड़े एवं नोडल औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में दाखिला लेने को विद्यार्थियों में काफी रुचि दिखने को मिला। परंतु बारिश के कारण अपेक्षाकृत दाखिले नहीं हो पाए। सोमवार को भारी बारिश व जलभराव के कारण कम विद्यार्थी दाखिला लेने पहुंचे। इस दौरान कुल 72 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया। वहीं, मंगलवार को भी सुबह से जारी रही जबरदस्त बारिश से शहर की तमाम कॉलोनियों व सड़कों पर पानी भर गया था। इस कारण भी विद्यार्थी दाखिला लेने नहीं पहुंचे। विभाग के शेड्यूल के अनुसार मंगलवार को कुल 35 विद्यार्थी ही पहुंचे। इन विद्यार्थियों को बुधवार को फीस जमा करके अपना दाखिला पक्का कर लिया है। इसके साथ ऑनलाइन प्रक्रिया का तीसरा चरण समाप्त हो गया है।
इन चरणों में हुए कुल इतने दाखिले
आईटीआई की ऑनलाइन प्रक्रिया के तीन चरण पूरे हो गए हैं। परंतु तीन चरणों में नोडल आईटीआई की सिर्फ 60 प्रतिशत सीटों पर दाखिले हुए हैं यानी औसतन हर चरण में 20 फीसदी सीटें भरी हैं। नोडल आईटीआई में कुल 1,348 सीटें हैं और इसमें से 798 पर दाखिले हो चुके हैं। इसके बाद 550 सीटें रिक्त हैं। पहले चरण में नोडल आईटीआई की पोर्टल पर 1,084 सीटें दर्शाई गई थीं, जिसमें से 714 सीटें वरीयता सूची में आवंटित की गई थी। पहले चरण में कुल 336 सीटों पर दाखिले हुए और चरण की 378 सीटें रिक्त रह गईं। दूसरे चरण में नोडल आईटीआई के पोर्टल पर कुल सीटें 1,336 दिखाई गई, जिसमें से 415 सीटें आवंटित कर दी गई। इसमें से कुल 237 सीटों पर दाखिला हुआ और 178 रिक्त रह गईं। इसके बाद तीसरे चरण में कुल सीटों की संख्या कम हो गई। तीसरे चरण में कुल सीटें 1,304 दिखाई गई। तीसरे चरण में 731 सीटें खाली थीं। संवाद
वर्जन
प्रक्रिया के अंतिम दो दिन भारी बारिश व जलभराव के कारण बेहद कम विद्यार्थी ही दाखिला लेने पहुंचे थे। इस चरण में 374 सीटें आवंटित की गई थीं, जिसमें से 225 पर दाखिले हो गए हैं। इसके साथ नोडल आईटीआई की 798 सीटें भर गई हैं। प्रक्रिया का चौथा ऑनलाइन चरण 14 अगस्त को शुरू होगा और पोर्टल पर रिक्त सीटें दिखाई जाएंगी।
भूपेंद्र सिंह सांगवान, प्राचार्य नोडल आईटीआई।