नाबालिग किशोरी का अपहरण और दुष्कर्म मामले में अदालत ने सात महीने में ही केस पर फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 20-20 साल कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दो दोषियों पर 30-30 हजार रुपये और एक अन्य आरोपी पर 38 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना न भरने पर दोषियों को एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। दोषियों की पहचान योगेश, रजनीश उर्फ रजत और अतुल के तौर पर हुई है।
मार्च 2024 को थाना गांधी नगर थाना क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाले व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसकी 14 साल की बेटी घर से लापता है। पुलिस ने मामला दर्ज कर किशोरी की तलाश की तो वह गोल्डन पुरी में एक मकान में मिली। किशोरी का मेडिकल करवाने के बाद उसके साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। आदर्श नगर कैंप निवासी मुख्य आरोपी योगेश को गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसके दोनों साथी थाना छप्पर निवासी रजनीश और अतुल को गिरफ्तार कर सभी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। रजनीश की मोटरसाइकिल पर फर्जी नंबर प्लेट लगी होने पर पुलिस ने उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मामला भी दर्ज किया था।
बरवाला ले जाकर तीनों दोषियों ने किशोरी से किया था दुष्कर्म
पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वह किशोरी को अगवा कर बरवाला ले गया था, जहां एक मकान में किशोरी के साथ दुष्कर्म किया गया। इसके बाद मुख्य आरोपी योगेश किशोरी को यमुनानगर ले आया और गोल्डन पुरी में अपने मकान में बंद कर दिया, जहां से पुलिस ने किशोरी को बरामद किया था। आरोपी के बयान के बाद पुलिस ने आरोपी की मां और दो अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया था। केस की सुनवाई पूरी होने के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी योगेश की मां को बरी कर दिया, जबकि तीन दोषियों को सजा सुनाई है।