संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले के साथ लगते उत्तराखंड के पहाड़ी कैचमेंट एरिया में 177 एमएम बारिश होने पर यमुना नदी का जलस्तर बढ़ गया। शुक्रवार शाम पांच बजे हथिनीकुंड बैराज का जलस्तर बढ़कर 90,926 क्यूसेक पहुंच गया। ऐसे में बैराज के सभी 18 गेटों को खोल दिया गया, जिसमें 82,406 क्यूसेक पानी को दिल्ली की तरफ डायवर्ट किया गया। 72 घंटे में यह पानी दिल्ली पहुंचेगा इससे दिल्ली बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
यमुना के कैचमेंट एरिया हरिपुर में 177 एमएम, उत्तराखंड के कालसी में 107, सभावाला में 103.4, जटोन बैराज गिरी 138, पांवटा साहिब 75 तथा गंगुवाला 127.2 एमएम बारिश हुई है। इसी वजह से यमुना नदी का जलस्तर में वृद्धि हुई है।
दोपहर 12 बजे से यमुना नदी का जलस्तर का बढ़ाना शुरू हुआ। बैराज पर दोपहर 12 बजे 73385 क्यूसेक जलस्तर रहा। दोपहर 2 बजे बढ़कर 84853 क्यूसेक पर पहुंच गया। इसी तरह 4 बजे 83,745 क्यूसेक जलस्तर रहा। पांच बजे हथिनीकुंड बैराज पर यमुना का अधिकतम जलस्तर 90,926 क्यूसेक रिकॉर्ड किया गया। जिसमें से 82,406 क्यूसेक पानी को दिल्ली की ओर डायवर्ट किया गया।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन विजय गर्ग का कहना है पहाड़ों पर बारिश होने पर बैराज का जलस्तर में वृद्धि आई है। यदि लगातार मूसलादार बारिश हुई तो जलस्तर और बढ़ सकता है। जो एक लाख क्यूसेक को पार कर सकता है। जिसके बाद मिनी फ्लड घोषित किया जा सकता है। लेकिन बैराज के कर्मचारियों को पूरी तरह से अलर्ट रहने के आदेश हैं।