यमुनानगर। पशु डेयरियां शहर से बाहर शिफ्ट करने के नाम पर नोटिस भेजने का खेल खेला जा रहा है। नगर निगम में अब तक कई कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर, ईओ से लेकर तमाम अधिकारी आए और स्थानांतरित हो गए लेकिन शहर में चल रही डेयरियां नहीं हटवा सके। यहां तक की मेयर के दूसरे कार्यकाल के भी तीन साल बीत चुके हैं परंतु अब तक पशु डेयरियां शहर से बाहर शिफ्ट कराने की पहल नहीं की जा सकी है। पशु डेयरियों को शहर से बाहर डेयरी कांप्लेक्स में शिफ्ट न होना अधिकारियों की उदासीन कार्यप्रणाली व इच्छा शक्ति के अभाव का परिणाम है। डेयरियां कांप्लेक्स में शिफ्ट न करने के पीछे नेताओं की राजनीति भी हावी है। जबकि इसका खामियाजा शहरवासी भुगतते रहे हैं।
इस माह निगम अधिकारियों ने शहर की रिहायशी कॉलोनियों में पशु डेयरियां चलाने वाले 126 लोगों को नोटिस दिए गए थे। जिनमें जगाधरी के 84 व यमुनानगर में 42 डेयरी संचालक शामिल है। नोटिस में एक सप्ताह का समय देकर डेयरी कांप्लेक्स में शिफ्ट करने के आदेश दिए गए थे। 126 लोगों को नोटिस दिया जाना ही साबित करता है कि इतनी डेयरियां सरकारी रिकार्ड में शहर में चल रही हैं। निगम ने पिछले दिनों डेयरी कांप्लेक्स से गोबर उठाने के लिए जो ठेका एजेंसी को दिया है उसके अनुसार चारों कांप्लेक्स में कुल 651 प्लॉट हैं। इनमें से 611 प्लॉट डेयरी संचालकों को अलॉट हैं। इस तरह 611 डेयरियां कॉप्लेक्स में चलनी चाहिए थी। परंतु डेयरी कांप्लेक्स एसोसिएशन के अनुसार चारों जगहों पर केवल 267 डेयरियां ही खुली हैं। जबकि 344 डेयरियां अभी भी शहर में मेहरबानी से चल रही हैं।
नालियों में बहा रहे डेयरियों का गोबर
शहर में जो पशु डेयरियां चल रही हैं उनका गोबर भी पानी के साथ नालियों व सीवरेज में बहा दिया जाता है। गोबर निकासी नहीं हो पाती जिस कारण सीवरेज व नाले जाम हो जाते हैं। इससे न केवल बदबू होती है, बल्कि जाम सीवरेज व नाले लोगों की परेशानी बढ़ाते हैं। इसके कारण लोग परेशान तो हैं ही, जाम सीवरेज को खोलने के लिए निगम के कर्मचारियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ती है। सफाई कर्मचारी गोबर की वजह से नालों व सीवरेज जाम होने की रिपोर्ट देते हैं, इसके बावजूद अधिकारी डेयरियों को बाहर शिफ्ट करने का नाम नहीं ले रहे हैं।
2018 में भी हुई थी कार्रवाई
जून-जुलाई 2018 में डेढ़ माह तक अधिकारियों ने शहर में चल रही 33 डेयरियों पर कार्रवाई की थी। जिनमें से 50 पशुओं को भी अधिकारी शहर से बाहर शिफ्ट नहीं करवा पाए थे। इनमें से भी ज्यादातर पशु नेताओं के फोन करने के बाद छोड़ दिए गए थे। अगस्त 2020 में निगम टीम ने शहर में सर्वे किया था जिसमें पता चला कि छोटी-बड़ी 337 डेयरियां चल रही हैं। जबकि पहले इनकी संख्या 275 थी। 337 में से 250 डेयरियां बड़ी हैं जिनमें 20 से अधिक गाय-भैंस हैं।
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अधिकारी केवल आश्वासन देते हैं: सुरजीत सिंह
डेयरी कांप्लेक्स कैल के प्रधान सुरजीत सिंह ने बताया कि शहर में चल रही डेयरियां कांप्लेक्स में शिफ्ट नहीं किया जा रहा है। वह सितंबर 2021 में इस समस्या को लेकर निगम कमिश्नर से मिले थे। उस दौरान एक सप्ताह में सभी डेयरियां कांप्लेक्स में शिफ्ट किए जाने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नहीं की गई। यदि एक-दो दिन में सभी डेयरियां कांप्लेक्स में शिफ्ट नहीं किया गया तो उसके बाद कांप्लेक्स में डेयरियां चला रहे सभी लोग शहर में अपने पशुओं को ले आएंगे।