कलेसर के जंगल में तस्करों ने सैकड़ों साल पुराने पेड़ों को बनाया निशाना।
जानकारी।
छछरौली। फोरेस्ट रेंज में बेशकीमती पेड़ों की अवैध कटाई जारी है। दो दिन पहले बिना परमिशन के साल के पेड़ों को काटने के मामले के बाद अब दो जगह से खैर के पेड़ काटे जाने का खुलासा हुआ है। चौकाने वाली बात ये है कि तस्करों ने नेशनल पार्क से मात्र 500 मीटर से भी कम दूरी के क्षेत्र में भी कुछ पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई हैं और फोरेस्ट विभाग के अधिकारियों को कानों कान खबर नहीं हुई। एक मामले में वनरक्षक की तरफ से एफआईआर दर्ज करवाई गई है। जबकि दूसरे मामले की विभागीय जांच शुरू की गई है। वहीं, ग्रामीणों का कहना है कि हरियाली के सौदागर रातों रात हरे पेड़ गायब कर रहे हैं और वन विभाग केवल जांच करने में ही लगा है। इस अनदेखी की वजह से पर्यावरण को लगातार खतरा बढ़ता जा रहा है। कलेसर नेशनल पार्क और वन्य प्राणी संरक्षित क्षेत्र है। ऐसे में अगर इसी तरह अंधाधुंध कटाई होती रही तो वन्य प्राणियों का जीवन भी खतरे में हो जाएगा।
एक व्यक्ति के खिलाफ एफआइआर
छछरौली की कलसिया रेंज में पड़ने वाले ताहरपुर बीट के मेहरनीवाला जंगल से खैर के पेड़ चोरी हुए हैं। वनरक्षक सुरमुख सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में कहा कि वह अपनी टीम के साथ रात के समय में जंगल में गश्त पर थे। उनको जंगल में खैर का पेड़ कटा हुआ मिला। वह कटे हुए पेड़ के पास झाड़ियों में छिप गए। कुछ देर बाद एक व्यक्ति कटा हुआ पेड़ उठाने को मौके पर आया। जैसे ही कटे हुए पेड़ को कंधे पर रखकर चलने लगा तो वे उसे पकड़ने के लिए भागे। जिस पर आरोपी कटे हुए पेड़ का टुकड़ा वहीं गिरा कर भागने लगा। इसी दौरान उन्होंने आरोपी को पहचान लिया। वह जाटावाला निवासी इकराम था। जिस पर पहले भी खैर चोरी के कई मामले चल रहे हैं।
कलेसर रेंज से दो पेड़ कटे
वहीं कलेसर रेंज से भी खैर के पेड़ कटने का मामला सामने आया है। पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलने के ताजा निशान भी मिले हैं। ग्रामीणों की तरफ से फोरेस्ट विभाग के अधिकारियों को इसकी शिकायत दी गई। जिस पर अधिकारी मौके पर पहुंचे और विभागीय रिपोर्ट तैयार की। हालांकि इस बाबत पुलिस में अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं करवाई गई है। खुद डीएफओ ने दो पेड़ काटे जाने की पुष्टि की है।
काटे जा चुके हैं सैकड़ों पेड़
आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों ने बताया कि जंगल में सैकड़ों पेड़ काटे जा चुके है़ं। कुछ तस्कर शाम ढलते ही यहां पहुंच जाते हैं और पेड़ काट कर ले जाते है़ं। यह खेल पिछले कई सालों से चल रहा है। कलेसर के जंगलों में बड़ी संख्या में खैर और साल जैसे बेशकीमती पेड़ है़ं। कुछ वर्ष पहले आसपास के जंगल में घने पेड़ नजर आते थे, लेकिन अंधाधुंध कटाई से इन पेड़ों की संख्या कम हो गई है।
जांच अधिकारी सुभाष का कहना है कि वनरक्षक सुरमुख सिंह की शिकायत पर जाटावाला निवासी एक व्यक्ति के खिलाफ खैर चोरी का मामला दर्ज किया है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया।
-जिला वन अधिकारी सूरज भान का कहना है कि जिस जगह पर पेड़ काटने की बात कहीं जा रही है। उस साइड में वन विभाग के खैर के पेड़ नहीं हैं। फिर भी इस मामले की जांच करवाई जा रही है।