फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी दस्तावेज जमा करवाकर फाइनेंस कंपनी से लिया 2

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
फर्जी दस्तावेज जमा करवाकर फाइनेंस कंपनी से लिया 28 लाख रुपये का लोन, 17 लोगों पर केस
-कंपनी की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। फर्जी दस्तावेज जमा करवाकर कुछ लोगों ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस कारपोरेशन लिमिटेड कंपनी से करीब 28 लाख रुपये का लोन ले लिया। लोन की किस्त जमा न करवाने पर जब जांच की गई तो दस्तावेज फर्जी मिले। इस फर्जीवाड़े में कुछ कंपनी के कर्मचारी व गारंटर भी मिले हुए है। पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के अधिकारियों की शिकायत पर 17 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में मामला दर्ज किया है।
दीवान हाउसिंग फाइनेंस कारपोरेशन लिमिटेड कंपनी द्वारा शहर जगाधरी पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि हुडा सेक्टर-17 के एससीओ 172 में कंपनी का कार्यालय है। जिसकी ब्रांच जगाधरी में भी है। कंपनी के कार्यालय में पाल मोहल्ला बिलासपुर निवासी संतोष रानी, गांव कांजनू निवासी मुकेश शर्मा, खेडा बाजार जगाधरी निवासी वैभव गर्ग, गांव बिंदी निवासी विजय कुमार, गोहाना पानीपत निवासी सोहन लाल, कपाल मोचन रोड बिलासपुर निवासी सुरेंद्र कुमार, गांव चिंतपुर निवासी अश्वनी कुमार, आरती धीमान, फकीर माजरा निवासी रिजवाना, गांव कांजनू निवासी मुकेश शर्मा, मॉडल टाउन यमुनानगर निवासी हीरेन अग्रवाल, गांव बिंदी निवासी विजय कुमार, किशनपुरा पानीपत निवासी सोहन लाल व बिलासपुर निवासी राजेश कुमार ने गारंटर जयसिंह, मुकेश कुमार व शिवानी की मदद से अपनी कुछ प्रॉपर्टी के दस्तावेज जमा करवाकर कंपनी से लोन लिया था। कुछ किस्ते जमा करवाने के बाद आरोपियों ने लोन की अन्य किस्तें जमा नहीं करवाई। जब कंपनी अधिकारियों द्वारा आरोपियों द्वारा दी गई प्रॉपर्टी के दस्तावेजों की जांच की गई तो वह फर्जी मिले। कुछ आरोपियों के नाम प्रॉपर्टी नहीं मिली तो कुछ ने पता गलत बताया हुआ था। इस काम में आरोपियों के साथ कुछ कंपनी के कर्मचारी भी शामिल थे। कंपनी अधिकारियों द्वारा आरोप लगाया कि आरोपियों ने धोखे से फर्जी दस्तावेज जमा करवाकर लोन लिया है। जांच में लगभग 28 लाख रुपये की धोखाधड़ी सामने आई। उसने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी।
विज्ञापन
विज्ञापन

वर्जन
जांच अधिकारी एएसआई जसवंत सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। उसके बाद ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें