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अवैध माइनिंग को लेकर बड़ी कार्रवाई: बिना परमिशन चल रहे दस स्क्रिनिंग प्लांट व क्रशर के खिलाफ एफआइआर

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अवैध माइनिंग को लेकर बड़ी कार्रवाई:
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बिना परमिशन चल रहे दस स्क्रिनिंग प्लांट व क्रशर के खिलाफ एफआईआर
-वहीं माइनिंग माफिया का बड़ा दबाव, पांच दिन में पांच एफआईआर दर्ज करने वाले एसएचओ का ट्रांसफर कराया, महीने में औसतन चार से पांच एफआईआर दर्ज होती थी
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। मिनरल डीलर लाइसेंस यानी एमडीएल लिए बिना ताजेवाला में चल रहे क्रशर और स्क्रिनिंग प्लांटों पर बड़ी कार्रवाई की गई है। माइनिंग विभाग ने इनके संचालकों द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध माइनिंग से खनिज चोरी करके अपने क्रशर और स्क्रिनिंग प्लांट चलाने का खुलासा किया है। माइनिंग इंस्पेक्टर की शिकायत पर खिजराबाद थाना पुलिस ने 10 स्क्रिनिंग प्लांट और क्रशर के खिलाफ अवैध माइनिंग और खनिज चोरी के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस द्वारा ताबड़तोड़ एफआईआर दर्ज किए जाने से बौखलाएं माइनिंग करने वाले कुछ लोगों ने अपने आकाओं तक बात पहुंचाई और पुलिस के आला अधिकारियों पर दबाव बनाया। जिसके चलते बुधवार सुबह ही खिजराबाद थाने के एसएचओ रतनलाल का ट्रांसफर यमुनानगर सिटी थाने में कर दिया। उनकी जगह सिटी थाना के प्रभारी नवीन सिंधु को खिजराबाद का एसएचओ लगाया है। पुलिस को दी शिकायत में खनन निरीक्षक ओमदत शर्मा ने बताया कि ताजेवाला में लगभग एक दर्जन स्क्रीन प्लांट लगे हुए हैं। जिनके पास खनन विभाग से चलाने की कोई परमिशन नही है। ये स्क्रीन प्लांट ताजेवाला से ही अवैध खनन करते हैं। उन्होंने इसकी सूचना पहले भी पुलिस को दी थी, लेकिन तब कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं एक महीने में औसतन चार से पांच एफाआईआर दर्ज होती है। लेकिन अब पांच दिन में पांच एफआईआर दर्ज की गई थी।
बोर्ड भी नहीं लगे मिले
पुलिस को दी शिकायत में माइनिंग इंस्पेक्टर ने बताया कि वह खनन रक्षक नारायण सिंह, रमेश कुमार, नरजोध सिंह और सरला देवी को साथ लेकर 20 फरवरी को ताजेवाला में मौका निरीक्षण पर थे। निरीक्षण के दौरान ताजेवाला में कुछ स्क्रीन प्लांट और एक स्टोन क्रशर बिना परमिशन के चलता पाया गया। किसी भी स्क्रीनिंग प्लांट पर नेम बोर्ड भी नहीं लिखा हुआ था। यानी ये चोरी छिपे ही चलाएं जा रहे थे।
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इनके खिलाफ मामला दर्ज
माइनिंग इंस्पेक्टर के मुताबिक यहां काटी जाने वाली पर्चियों में लिखे गए नामों से जिन स्क्रीनिंग प्लांटों की पहचान हुई है। उनमें रहीमिया स्क्रीनिंग प्लांट, इसरान स्क्रीनिंग प्लांट, ताज स्क्रीनिंग प्लांट, हारून स्क्रीनिंग प्लांट, फ्रेंड्स स्क्रीनिंग प्लांट, बांबे स्क्रीनिंग प्लांट, अनमोल स्क्रीनिंग प्लांट, बंसल स्क्रीनिंग प्लांट, हरियाणा स्क्रीनिंग प्लांट और ए-वन स्क्रीनिंग प्लांट के नाम शामिल हैं।
पांच दिन में पांच एफआईआर
रतनलाल को पिछले सप्ताह पहले ही खिजराबाद में लगाया था। उन्होंने ज्वाइन करते ही माइनिंग माफिया पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया था। इस दौरान उन्होंने तमाम शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए अवैध खनन के खिलाफ चार एफआईआर दर्ज की थी। मंगलवार शाम को 9 स्क्रिनिंग प्लांट और एक क्रशर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उनके खिलाफ खनिज चोरी की धारा के तहत ताजा एफआईआर दर्ज की गई थी। इस कार्रवाई से क्षेत्र में चर्चा है कि इन स्क्रिनिंग प्लांटों के संचालक एक बड़े नेता के पास गुहार लगाने पहुंच गए। जिसका खामियाजा एसएचओ को ट्रांसफर के रूप में भुगतना पड़ा।
इन पांच एफआईआर से मचा हड़कंप
केस नंबर एक
खंड विकास अधिकारी की शिकायत पर कोलीवाला की पंचायती जमीन में अवैध खनन के निशान पाए गए और मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने कोलीवाला के शिवदयाल, संटी और सेठपाल को नामजद किया।
केस नंबर दो-
खनन निरीक्षक ओमदत की शिकायत पर प्रतापनगर पुलिस ने बेलगढ़ में अवैध खनन का मामला दर्ज किया। इस केस में पुलिस ने अज्ञात लोगों पर खनिज चोरी का मामला दर्ज किया।
केस नंबर तीन- खनन निरीक्षक ओमदत की शिकायत पर बेलगढ में चंद्रपाल की टपरी के पास हुए अवैध का मामला दर्ज किया है।
केस नंबर चार- ताजेवाला में खनन विभाग की शिकायत पर 10 स्क्रिनिंग प्लांट और क्रशर के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई। इसमें कई नेताओं के कारिंदों का शेयर भी बताया जा रहा है। जिसके चलते ही एसएचओ का तबादला किया गया।
केस नंबर पांच-करनाल के न्यौड़ी गांव निवासी सोमपाल ने खनन विभाग को सूचना दी थी कि बेलगढ़ गांव में उसकी जमीन है और संदीप और उसके भतीजों ने वहां अवैध रूप से खनन करके खनिज सामग्री चोरी कर ली। जिस पर माइनिंग इंस्पेक्टर ने मौका निरीक्षण किया तो वहां खनन के निशान पाएं गए। जिसकी शिकायत प्रतापनगर थाने में दी गई। थाना प्रभारी ने जानकारी मिलते ही तुरंत एफआइआर दर्ज कर ली।
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वर्जन
-जहां भी उच्चाधिकारी ड्यूटी लगाएंगे मैं वहां अपना काम इमानदारी से करता हूं। ट्रांसफर नौकरी का हिस्सा है। मैंने प्रतापनगर से यमुनानगर सिटी ज्वाइन कर लिया है।
-रतनलाल, एसएचओ
-पुलिस विभाग पर किसी का कोई दबाव नहीं है। यह ट्रांसफर रूटीन की प्रक्रिया है। इससे ज्यादा कोई बात नहीं है।
-कुलदीप सिंह, एसपी
फोटो नंबर 21, 22
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