नक्शों में उलझी प्रधानमंत्री आवास योजना , परेशान लोगों ने सीएम विंडो पर दी शिकायत
रादौर। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहर के लोगों को अपने मकान बनाने के लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। नगरपालिका की ओर से स्थानीय 52 लोगों को योजना के तहत मकान बनाने के लिए स्वीकृति पत्र वितरित किए थे, लेकिन अब तक योजनाओं की शर्तों को स्थानीय लोग पूरी नहीं कर पाए हैं। इससे उनके घर बनाए जाने के सपने टूटते नजर आ रहे हैं। योजना के तहत मकान बनाने के लिए स्थानीय लोग नगरपालिका के चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन घर बनाने के लिए ऑनलाइन नक्शा बनवाने की शर्त स्थानीय लोग पूरी नहीं कर पा रहे है। इससे उनके मकान बनने का कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। मामले में स्थानीय लोगों ने सीएम विंडो के माध्यम से मुख्यमंत्री को शिकायत भेजकर उनके नक्शे पास करवाने की मांग की गई है।
शहर निवासी प्रेमचंद सैनी, संदीप सैनी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से गरीबों को घर बनाने के लिए ग्रांट राशि दी जा रही है। उन्हें भी योजना के तहत ग्रांट राशि मिलनी थी। लेकिन अभी तक शहर का कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन नक्शा नहीं पास करवा सका है। नक्शा पास करवाने के लिए उनसे उनकी भूमि की मलकीयत के सबूत मांगें जा रहे है। जबकि शहर में लाल डोरे के अंदर रहने वाले लोगों के पास केवल नगरपालिका की असेस्मेंट के कागजात ही है। इसके अलावा किसी के पास मलकीयत का कोई सबूत नहीं है। जिस कारण उनके कार्य बीच में रुक गए है। बहुत से लोगों ने मकान बनाने के लिए पुराने मकान तोड़ दिए है लेकिन उन्हें शर्तें पूरी न करने के कारण ग्रांट राशि नहीं मिल पाई है। जिस कारण वह किराये के मकान में रह रहे है।
नपा बिल्डिंग इंस्पेक्टर संदीप शर्मा ने बताया कि मामले को लेकर स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को पत्र भेजा गया है। इससे योजना का लाभ लेने वाले लोगों को शर्तों में कुछ छूट दी जाए। अभी तक विभाग की ओर से उनके पत्र का कोई जवाब नहीं भेजा गया है।