जीवन के बाद भी कीचड़ से गुजरकर अंतिम संस्कार
यह समस्या जिला के गांव खनपुरी की, दो गांवों की एक ही पंचायत, इस रास्ते लिए आज तक नहीं आया कोई बजट
श्मशान घाट तक है आधा किमी. का रास्ता, कई बार अधिकारियों को दे चुके हैं शिकायत
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जिला का एक गांव जहां कीचड़ से भरे रास्ते से गुजर कर शव का अंतिम संस्कार किया जाता है। हैरत की बात है खनपुरी और हड़ौली दो गांवों की एक ही पंचायत है, मगर आज तक इस कच्चे रास्ते के लिए बजट नहीं आया। अब इसे गांव की बदनसीबी कहें या फिर प्रशासन की अनदेखी। जबकि रास्ते को बनवाने के लिए पंचायत की ओर से दो से तीन बार रेज्यूलेशन डालकर दिया जा चुका है मगर फिर भी इसकी तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया। सोमवार को तो समस्या ओर भी विकट हो गई। दरअसल, खनपुरी गांव में एक 45 वर्षीय व्यक्ति राम लाल की हार्टअटैक से मौत हो गई। अंतिम संस्कार के लिए लोगों को श्मशान घाट जाना था। मगर गांव से नाहरपुर की तरफ जाने वाले कच्चे रास्ते में कीचड़ होने के चलते लोग संस्कार के लिए सोचते रहे। लेकिन लोगों ने हिम्मत जुटा कर रास्ते की ढाई फीट की पगडंडी से गुजर कर मृतक का अंतिम संस्कार किया।
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श्मशान घाट तक है आधा किमी का रास्ता
पंच मांगा राम व राजेश नम्बरदार, जरनैल सिंह, कली राम आदि ने कहा कि गांव से नाहरपुर का एक किमी. का रास्ता है। इसी बीच आधे किमी. में श्मशान घाट आता है। यदि गांव में किसी की मृत्यु हो जाती है तो इसी कच्चे रास्ते से होकर ही जाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि रास्ते को बनवाने के लिए पंचायत के माध्यम से कई बार लिखित में शिकायत व रेज्यूलेशन दिया जा चुका है परंतु अब कोई ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि खनपुरी व हरड़ौली दो गांवों की एक ही पंचायत है। खनपुरी में 300 और हड़ौली में करीब 1700 की आबादी है। पंचायत के मुताबिक खनपुरी के इस कच्चे रास्ते के लिए अब तक बजट नहीं आया है इसलिए यह कच्चा रास्ता है।
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ये भी नहीं पर्याप्त सुविधाएं
इतना ही नहीं गांव खनपुरी पर्याप्त सुविधाएं भी नहीं है। गांव में पीने का पानी भी शाहपुर के ट्यूबवेल से आता है। लेकिन यह भी लीकेज होती रहती है। ऐसे में कई बार गांव के लोग बीमार भी पड़ चुके हैं। इसके बारे में भी कई बार पंचायत व संबंधित विभाग को ठीक करवाने के लिए कहा गया है परंतु कोई ध्यान नहीं दिया जाता है। जिसके चलते गांव के लोगों में रोष है।
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कच्चे रास्ते को बनवाने के लिए कई बार रेज्यूलेशन डालकर भेजा जा चुका है परंतु अभी तक कोई बजट नहीं आया है। जैसे ही बजट आ जाएगा सबसे पहले इस रास्ते को बनवाया जाएगा, ताकि लोगों को परेशानी न झेलनी पड़े।
-सुदेश कुमारी, सरपंच, हड़ौली।
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