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हाईकोर्ट से नियुक्त कमिश्नर पहुंची कनालसी, ग्रामीण बोले-साजिश के तहत तोड़ा गया पुल पुल बनाकर दिया जा रहा था अवैध खनन-शिकायतकर्त्

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हाईकोर्ट से नियुक्त कमिश्नर पहुंची कनालसी, ग्रामीण बोले-साजिश के तहत तोड़ा गया पुल
शिकायतकर्ता बोले - पुल बनाकर किया जा रहा था अवैध खनन

अमर उजाला ब्यूरो
खिजराबाद। कनालसी गांव में प्रशासन द्वारा उखाड़े गए पुल के मामले में सोमवार को हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त लोकल कमिश्नर ने अपनी टीम के साथ साइट का दौरा किया। यहां आस-पास के सैंकड़ों ग्रामीणों ने कमिश्नर के सामने बयान दर्ज कराए। किसान हर साल सोम नदी पार लगते 800 एकड़ जमीन में खेती करने के लिए इस पुल का निर्माण करते हैं और उनके पुल को जबरन साजिश के तहत तोड़ा गया है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए लोकल कमिश्नर से उन्हें न्याय मिलेगा। शिकायतकर्ता रामपाल कांबोज का कहना है कि पुल हाईकोर्ट के आदेश पर उखाड़े गए हैं। इन पुलों के माध्यम से अवैध खनन को बढ़ावा दिया जा रहा था। हाई कोर्ट द्वारा नियुक्त लोकल कमिश्नर शर्मिला शर्मा अपनी टीम के साथ कनालसी पहुंची। इस दौरान उनके साथ खनन विभाग, सिंचाई विभाग, स्थानीय पुलिस व शिकायतकर्ता रामपाल मौके पर पहुंचे। लोकल कमिश्नर शर्मिला शर्मा के समक्ष कनालसी गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा तोड़े गए पुल को लेकर अपनी फरियाद रखी ।
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फसलों को मंडी तक पहुंचाने के लिए बनाया था पुल
ग्रामीण सुरेश राणा, यशपाल राणा, सरपंच राजकुमार, किरण पाल राणा,मेघराज, जसवीर राणा, अर्जुन राणा, अनिल राणा, रूढ सिंह, जयपाल राणा, मोहित आदि का कहना है किस सोम नदी पर बनाए गए अस्थाई पुल को साजिश के तहत तोड़ा गया है। यह पुल किसानों की सोम नदी पार लगती 800 एकड़ जमीन में खेती बाड़ी करने और फसलों को मंडी तक पहुंचाने के लिए बनाया गया था। मगर कुछ लोगों ने राजनीति के चलते इस पुल को तोड़ने में अपनी भूमिका निभाई। कमिश्नर ने सभी गांव वालों के ब्यान सुने और उनको नोट किया। ग्रामीणों का कहना था कि इस पुल के माध्यम से किसान खेतों में जाते हैं। सोम नदी पार स्कूली बच्चें बसों के माध्यम से स्कूलों में आते हैं। पुल के टूट जाने से किसानों व स्कूल में जाने वाले बच्चों का आना-जाना प्रभावित हो गोया है।
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वहीं शिकायतकर्ता राम पाल कांबोज का कहना है कि उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी कि खनन माफिया नदी में अवैध रूप से पुल बनाकर धारा को रोक रहा है ताकि अवैध खनन की सामग्री को बाजार तक पहुंचा जा सके। इसको लेकर हाईकोर्ट ने आदेश दिए थे कि नदी की धारा को रोकने वाले पुलों को तत्काल तोड़ा जाए। इसी कड़ी में दिसंबर महीने यमुना नदी में बनाया गया अस्थाई पुल को उखाड़ दिया गया था।
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29 जनवरी को तोड़ा गया था पुल
29 जनवरी को कनालसी गांव में ही सोम नदी पर बने पुल को भी प्रशासन ने ध्वस्त कर दिया था। अब हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त किए गए लोकल कमिश्नर ने कनालसी गांव का दौरा किया और पाया की खनन सामग्री से भरे डंपर और पोकलाइन मौके पर खड़ी है। जहां पुल तोड़ा गया था वहीं पर स्लैब डालकर फिर से पानी की धारा को रोकने का प्रयास किया गया है। रामपाल कम्बोज का कहना है कि वह यमुना नदी में बनाए गए सभी अवैध पुलों को उखड़वाने तक नहीं बैठेंगे।
फोटो- 17
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