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तालमेल कमेटी के तीन नेताओं को भिजवाएं सम्मन, रोडवेज जीएम, एओ और डब्ल्यूएम को भी किया कोर्ट में तलब

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तालमेल कमेटी के तीन नेताओं को भिजवाए समन
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रोडवेज जीएम, एओ और डब्ल्यूएम को भी किया कोर्ट में तलब
तहसीलदार के कहने पर भी पुलिस ने नहीं लगने दिया रोडवेज कर्मचारियों का टैंट, सुबह फिर खदेड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। वर्कशॉप के सामने धरना देकर हड़ताल पर बैठे रोडवेज कर्मचारियों को पुलिस बल से गुरुवार को वहां से खदेड़ दिया गया था। कर्मचारी दोबारा वहां धरने पर न बैठे इस एवज में रोडवेज जीएम ने कोर्ट में अपील की थी। इस पर तालमेल कमेटी के तीन नेता रविंद्र सिंह, रतन सिंह कलानौर व देव सिंह को रात को कोर्ट में पेश होने के समन भिजवाए गए थे। वहीं कोर्ट ने रोडवेज जीएम रविंद्र पाठक, अकाउंट ऑफिसर सतीश सैनी व वर्कशॉप मैनेजर बालक राम को भी तलब किया गया था। यहां डिपो की तरफ से कर्मचारियों को 300 मीटर दूर धरना करने की अपील की थी। जबकि यूनियन नेताओं ने अपने पक्ष में बताया कि वे बस स्टैंड से काफी दूर हैं।

कोर्ट से वापस आने पर यह बोले कर्मचारी नेता
कोर्ट से वापस आने पर तालमेल कमेटी सदस्य रतन सिंह कलानौर, रविंद्र सिंह व देव सिंह ने कर्मचारियों को बताया कि कोर्ट में उनकी जीत हुई है। कोर्ट ने उन्हें उसी स्थान पर धरने की अनुमति दे दी है। जबकि रोडवेज जीएम ने जो कोर्ट में बताया कि कर्मचारी बस स्टैंड के पास बैंठे हैं जोकि गलत है। इन्हें 300 मीटर दूर बैठना चाहिए। इसपर कर्मचारी पहले से वहां का नक्शा बनाकर लेकर गए थे। उन्होंने बताया कि वह बस स्टैंड से बहुत दूर हैं।
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16 अक्तूबर से हड़ताल पर थे कर्मचारी
दरअसल, किलोमीटर स्कीम के तहत सरकार द्वारा 720 बसों को ठेके पर लेने के विरोध में 16 अक्तूबर से रोडवेज कर्मचारी वर्कशॉप के सामने टैंट लगाकर हड़ताल पर बैठे थे। इस दौरान सरकार ने हड़ताल पर एस्मा व धारा 144 लगाई हुई थी। बावजूद इसके कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखी।

आज चल सकती हैं सभी बसें
बताया जा रहा है कि शनिवार को रोडवेज की हड़ताल समाप्त हो सकती है और कर्मचारी दोबारा से ड्यूटी ज्वाइन कर सकते हैं। अगर कर्मचारी दोबारा से लौटे तो यात्रियों को काफी लाभ मिलेगा। इससे पहले की तरह रोडवेज की पूरी बसें सड़कों पर चलेगी।

188 बसें उतरी सड़कों पर
शुक्रवार को कुल 188 बसें सड़कों पर उतरी। जिनमें रोडवेज की 146 व प्राइवेट की 42 बसें चली। मगर इन सबके बावजूद भी यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बस स्टैंड पर यात्री बसों के लिए इंतजार करते हुए दिखाई दिए। यात्री सुखदेव सिंह, अमर, सुमित व प्रवीन कुमार ने बताया कि लंबी दूरी के लिए बसों की संख्या कम है जबकि लोकल की ज्यादा है। अगर विभाग बसों की संख्या को बढ़ा दे तो काफी राहत मिल सकती है।
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हमने कोर्ट में अपील की थी कर्मचारी 300 मीटर दूरी पर जाकर बैठे। लेकिन कर्मचारी कम दूरी पर बैठे थे। कोर्ट में दोनों पक्षों की काफी बहस भी हुई। अभी फैसला नहीं आया है और दूसरा हड़ताल खत्म होने की सूचना मीडिया के माध्यम से मिली है मगर लिखित में अभी तक कोई आदेश नहीं आए हैं।
-रविंद्र पाठक, रोडवेज जीएम
फोटो-29 व 30
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