अवैध माइनिंग-सरकार को जगाने के लिए विधायक आवास के बाहर जलाई कैंडल
किसान बोले-यहां की राजनीति यमुना किनारे से चलती है, हमारा अस्तित्व मत मिटाओ
-सारी रात बैठे यमुना किनारे, नहीं होने दी अवैध माइनिंग
-दोपहर को डीएसपी और माइनिंग इंस्पेक्टर पहुंचे धरने पर, कायदे कानूनों के तहत माइनिंग सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया
अमर उजाला ब्यूरो
रादौर
अवैध खनन को रोकने के लिए संघर्ष कर रहे किसानों ने सोमवार देर रात रादौर के विधायक श्याम सिंह राणा के आवास के बाहर कैंडल जलाई।किसानों का कहना है कि ठेकेदार और माइनिंग माफिया उनके अस्तित्व को खत्म करने पर तुले हुए हैं। सरकार की नींद तोड़ने के लिए कैंडल जलाई है ताकि सरकार जागे और माइनिंग से जुड़े लोगों की मनमानी बंद हो। जिससे क्षेत्र के किसानों का भला सके। इससे पहले रविवार को सारी रात किसान नगली घाट पर पहरा देते रहे और जब भी ठेकेदार के कारिंदे कुछ गलत करते तो वे चौकन्ने हो जाते। रात को किसानों ने जो तीन मशीनें पकड़कर खनन इंस्पेक्टर के हवाले की थी। उन्हें सीज कर दिया गया है। वहीं किसानों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए माइनिंग माफिया के साथ-साथ ठेकेदारों की भी नींद उड़ गई है।
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रंग लाने लगा संघर्ष
गांव गुमथला में अवैध खनन के खिलाफ धरने पर बैठे किसानों को लेकर ग्रामीणों का संघर्ष रंग लाया है। रविवार की रात को गुमथला घाट पर अवैध खनन किए जाने की सूचना मिलने पर सैंकडों ग्रामीण मौके पर पहुंचे थे। ग्रामीणों ने पुलिस को मौके पर बुलाकर खनन विभाग के अधिकारियों से तीन पोकलाइनों को सील करने की मांग की थी। लेकिन सोमवार सुबह तक भी मशीनें सील नहीं की गई। जिसके बाद ग्रामीणों ने यमुनानदी के किनारे पर टैंट गाडकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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दोपहर को पहुंचे डीएसपी
सूचना मिलने पर डीएसपी रादौर अजय राणा, थाना जठलाना प्रभारी रमेश कुमार, खनन विभाग के इंस्पेक्टर ओमदत्त शर्मा मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने तीनों मशीनों को सील करने की मांग की। ग्रामीणों की मांग पर अधिकारियों ने अवैध खनन कर रही तीनों मशीनों को मौके पर सील कर उसकी चाबी थाना प्रभारी को सौंपी। जिसके बाद ग्रामीणों ने घोषणा की कि यदि भविष्य में किसी भी घाट पर अवैध खनन हुआ तो ग्रामीण उसे होने नहीं देंगे और उसका विरोध करेंगें। खनन विभाग की ओर से किसानों को आश्वासन दिया गया कि गुमथला, गुमथलराव व नगली घाट पर चल रहे खनन कार्यों को नियमानुसार होने दिया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर खनन कार्य नहीं होने दिया जाएगा। जिसके बाद ग्रामीणों ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
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जबरन अवैध खनन किया जा रहा था
एडवोकेट वरयाम सिंह व शिव कुमार संधाला ने बताया कि गुमथला में किसान शेर सिंह व धर्मपाल के खेतों में जबरन अवैध खनन किया जा रहा था। जिसकी शिकायत प्रभावित किसानों ने कमेटी के सदस्यों से की। कमेटी के सदस्यों ने रविवार की रात को घाट का दौरा किया तो प्रभावित किसानों के खेतों में पोकलाईनों से अवैध खनन किया जा रहा था। उनके विरोध के बाद अवैध खनन बंद हुआ। उन्होंने बताया कि यमुनानदी के घाटों पर खनन ठेकेदार जबरन किसानों की भूमि से रेत उठाने का काम कर रहे है। किसानों द्वारा विरोध करने पर खनन ठेकेदार उन्हें धमकी देकर मौके से भगा देते है। अब प्रभावित गांव के किसानों की भूमि पर किसी भी ठेकेदार को जबरन रेत नहीं उठाने दिया जाएगा और न ही किसान की मर्जी के बिना ठेकेदार को उनके खेतों का रास्ता उपयोग करने दिया जाएगा। इस दौरान शिवकुमार, रामकुमार, अनिल कुमार, रमेश कुमार, सचिन कांबोज, नरेश कुमार, लवली, मांगेराम, शैंटी, नंदलाल, जगमाल, हुकमसिंह, अमरजीत, महावीर, सोनु, बिटटू, सलिन्द्र, सुभाष, हरचरणसिंह, बागा व शेरा मौजूद रहे।
वर्जन
-सरकार द्वारा तय नियमों के अनुसार ही खनन होने दिया जाएगा। अगर कोई ठेकेदार गाइडलाइन के अनुरूप खनन नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। किसानों ने जो तीन पोकलाइन पकड़ी थी, उन्हें सीज कर दिया गया है।-ओमदत्त शर्मा, माइनिंग इंस्पेक्टर
फोटो नंबर- 29, 60, 61