न रहें रोडवेज के भरोसे, हड़ताल के चलते बंद रहेंगी बसें
प्रदेशभर में 4200 बसें रहेंगी बंद, सरकार को लगेगा 3 करोड़ 50 लाख का फटका
-रोड सेफ्टी बिल व 720 निजी बसों को ठेके पर हॉयर करने के विरोध में कर्मचारी करेंगे चक्का
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
रोड सेफ्टी बिल व 720 निजी बसों को ठेके पर दिए जाने के विरोध में आज रोडवेज बंद रहेंगी। इसलिए रोडवेज के भरोसे न रहें और कोई अन्य साधन अपनाएं। क्योंकि कर्मचारी आज हड़ताल पर रहेंगे और बसें रूट पर नहीं निकाली जाएंगी। इस चक्का जाम का फैसला संयुक्त संघर्ष समिति हरियाणा रोडवेज के आह्वान पर लिया गया है। ऐसे में प्रदेश की 4200 बसों के साथ यमुनानगर की 166 बसों के पहिये थमे रहेंगे। हालांकि प्राइवेट बस व अन्य वाहन जरूर चलेंगे, लेकिन सरकारी बसों के न चलने से यात्रियों की परेशानी बढ़ सकती है।
उधर, जिला प्रशासन हड़ताल को विफल करने के लिए तैयारी में जुटा है। यमुनानगर डिपो पहले से सेंसिटिव है और यहां यूनियन नेताओं व प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है। टकराव को टालने के लिए जिला प्रशासन की ओर से बस अड्डा और वर्कशॉप में देर रात भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।
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न करें इंतजार, पकड़े अन्य वाहन
आज सरकारी बसों का इंतजार न करें। हड़ताल के कारण बसें नहीं चलने के ज्यादा आसार हैं। ऐसे में बसों का इंतजार आपको लेट कर सकता है। इसलिए समय से पहले ही निजी वाहन व प्राइवेट वाहन पकड़कर अपने गंतव्य के लिए रवाना हो जाएं। बॉक्स
कर्मचारी नेता अड़े
-सरकार रोडवेज को निजी हाथों में सौंपना चाहती है लेकिन रोडवेज यूनियन ऐसा होने नहीं देगी। प्रदेश में रोडवेज बसों का भारी टोटा है, बसों की संख्या बढ़ाने की बजाय सरकार निजी बसों को लाने की जिद पर तूली है। इसीलिए मंगलवार को रोडवेज का चक्का पूरी तरह से जाम रखा गया है। अगर सरकार नहीं मानी तो फिर लंबे समय तक रोडवेज बंद की जा सकती है। -वीरेंद्र धनखड़, राज्य प्रधान, रोडवेज कर्मचारी यूनियन
-सर्वकर्मचारी महासंघ के जिला प्रधान वरायाम सिंह ने बताया कि इस हड़ताल में इंटक यूनियन, बीएमएस के अलावा रोडवेज की अन्य यूनियनों ने भी समर्थन दिया है।
वर्जन
इस हड़ताल में सभी कर्मचारी शामिल नहीं हैं कुछ ही शामिल हैं। हड़ताल का बस सर्विस पर असर नहीं हो, इसकी तैयारी है। हर हाल में सभी बसें चलाई जाएंगी। रही बात कर्मचारियों के साथ टकराव की, इसके लिए पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं।
-रविंद्र प्रसाद पाठक, जीएम