दोबारा प्रिंट करवा कर बंटवाए गए थे बिजली के बिल
बिजली के बिलों को बोरे में भर कर आवर्धन नहर में फेंकने का मामला
- कंपनी और कर्मचारियों में हो गई थी सुलह, अब पुराना विडियो वायरल होने से मामला आया सामने
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। बिजली के बिलों को बोरे में भर कर आवर्धन नहर में फेंकने के मामले में शनिवार को बिजली निगम के एसई ने जांच करवाने की बात कही है। वहीं बिजली मीटर रीडिंग और बिल बांटने वाली आर्यन कंपनी के प्रतिनिधियों की तरफ से सफाई दी गई कि यह कई दिन पुराना विडियो है और कर्मचारी ने कंपनी को बदनाम करने के मकसद से इसे सोशल मीडिया पर फैलाया है। यह केवल एक कर्मचारी की करतूत है। अन्य कर्मचारियों ने पहले ही माफीनामा लिखकर दे दिया था।
कंपनी के एरिया मैनेजर संदीप के मुताबिक कुछ कर्मियों ने जून के बिजली बिल बांटने की बजाए कट्टों में भरकर आवर्धन नहर में फेंक दिया था। जिसके बाद उन्होंने दोबारा प्रिंट करवा कर बिल संबंधित क्षेत्रों में बंटवा दिए थे।
कर्मचारियों के बीच है विवाद : कंपनी के जम्मू कॉलोनी आफिस में 16 कर्मचारी मीटर रीडर हैं। इनमेें 10 मीटर रीडर का सैलरी को लेकर विवाद बताया जा रहा है। आरोप है कि इन कर्मचारियों को हर माह चार से पांच हजार रुपए सैलरी दी जा रही थी। जबकि जो कर्मचारी कंपनी के पदाधिकारियों के चहेते थे। उन्हें सैलरी दस हजार या इससे ज्यादा दी जा रही थी। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि बिल एरिया में बांटने न पड़े इसलिए उन्हें नहर में फेंक दिया गया। कुछ कर्मचारी सुपरवाइजर मनोज से भी खफा बताएं जा रहे हैं।
आवर्धन नहर में बिल फेंके जाने के मामले की जांच करवाई जाएगी। मेरे पास संबंधित क्षेत्र के किसी उपभोक्ता की बिल नहीं मिलने की शिकायत भी नहीं मिली है।
-योगराज, एसई, बिजली निगम