बैंकों के दो दिन की हड़ताल से 1792 करोड़ का लेनदेन प्रभावित
- 35 से 40 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग को लेकर जिले की 253 बैंक शाखाओं के 2772 कर्मचारी रहे हड़ताल पर
हड़ताली कर्मचारियों ने रेलवे रोड पर निकाली पीएम मोदी की शवयात्रा, फूंका पुतला
एटीएम खाली होने से बढ़ी लोगों की ओर परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। 35 से 40 प्रतिशत वेतन वृद्धि की मांग को लेकर जिले की 253 बैंक शाखाओं के 2772 कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने इस दौरान रेलवे रोड पर प्रधानमंत्री मोदी के पुतले की शवयात्रा निकाल उसका दहन किया। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान पर हुई दो दिवसीय हड़ताल से बैंकों का 1792 करोड़ का लेनदेन प्रभावित हुआ। इसके चलते शुक्रवार को बैंक कर्मचारियों का वर्कलोड बढ़ेगा। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से चेक क्लीयरिंग, पैसे जमा कराने, ड्राफ्ट बनाने व निकलवाने जैसी सेवाएं प्रभावित रहीं। बैंक आने वाले उपभोक्ताओं को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। दूसरे दिन अधिकतर एटीएम से कैश से खाली हो गए। जिससे लोगों की परेशानी ओर बढ़ गई।
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पीएम मोदी की शवयात्रा निकाल फोड़ा मटका : यूएफबीयू द्वारा राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दूसरे दिन बैंक कर्मचारी शुक्रवार सुबह करीब दस बजे रेलवे रोड स्थित बैंक आफ इंडिया की शाखा के सामने एकत्रित हुए। यूनियन कनवीनर डा. कृष्णलाल गोंदवाल व प्रधान जसबीर सिंह के नेतृत्व में बैंक कर्मचारियों ने यहां सरकार विरोधी नारेबाजी की। इसके बाद रेलवे रोड पर पीएम नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका। डा. गोंदवाल ने बताया कि यह हड़ताल भारत सरकार के आईबीए के अड़ियल रुख के कारण की गई। उनकी मांग है कि सरकार 35 से 40 प्रतिशत बैंक अधिकारियों व कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि करे। बैंक कर्मचारियों व अधिकारियों का वेतन समझौते का शीघ्र हल करे। प्रदर्शन में गुरमुख सिंह, जगदीश, सुशील गुप्ता, अनिल, रामशरण, एएस गोप, हरदीप सिंह, कुलदीप सिंह, अनिल पराशर, नरेश, नवनीत कालड़ा, विजेंद्र कांबोज, विपन मेहता आदि ने संबोधित किया।
एटीएम खाली होने से बढ़ी उपभोक्ताओं की परेशानी : बैंकों की हड़ताल के दूसरे दिन भी उपभोक्ताओं को खासी परेशानी हुई। बैंकों के बाहर हड़ताल संबंधित पोस्टर व ताले लगे देख उन्हें बाहर से ही उल्टे पांव लौटना पड़ा। मॉडल टाउन स्थित पीएनबी शाखा पर आए उपभोक्ता दीपक, राहुुल, पंकज व सुधीर ने बताया कि उन्हें बैंक से पैसे भिजवाने थे, किंतु यहां आकर पता चला कि हड़ताल है। इस कारण वह वापस लौट रहे हैं। इसी तरह विनोद ने कहा कि उसे अपने भाई के पास बिहार में पैसे भेजने थे। किंतु हड़ताल के चलते बैंक बंद मिला। उधर, विभिन्न बैंकों के एटीएम पर भी दिनभर उपभोक्ताओं की भीड़ रही और शाम तक अधिकांश पर कैश खत्म हो गया। जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी ओर बढ़ी।
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