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यमुना मैया को बचाने के लिए आगे आई महिलाएं, गुमथला में घाटों पर निकाला कैंडल मार्च

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खनन माफिया के खिलाफ महिलाओं ने निकाला कैंडल मार्च
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सरकार से की अवैध खनन व ओवरलोड रोकने की मांग
यमुनानगर।
यमुना नदी का सीना छलनी कर रहे माइनिंग माफिया के खिलाफ अब महिलाएं भावनात्मक रूप से आगे आने लगी हैं। यमुना के धार्मिक महत्व को बचाने व अपनी सुरक्षा के लिए वीरवार देर शाम गुमथला, संधाला और संधाली की सैकड़ों महिलाओं ने यमुना नदी के घाटों पर कैंडल मार्च निकाला। इस दौरान महिलाओं ने अवैध माइनिंग नहीं चलेगी, ओवर लोडिंग नहीं चलेगी के नारे भी लगाएं। इनका कहना है कि अवैध खनन की वजह से बरसात में पानी इलाके को उजाड़ देगा। क्योंकि माइनिंग माफिया ने यमुना नदी के किनारों को भी खोद दिया है। साथ ही ओवरलोड वाहनों की वजह से उनका घर से बाहर निकला भी दूभर हो गया है। खासकर छोटे बच्चों की बहुत ज्यादा संभाल करनी पड़ती है।
बॉक्स: सरकार, हमें बचाओ
रोशनी देवी, स्वर्णा, मामचंदी, सरोज बाला, अंजू बाला, कैलाशो देवी, उषा, निर्मला, दर्शना देवी ने बताया कि वे घरों में कैद होकर रह गई हैं। खेतों की तरफ जाने से भी डर लगता है। यहां तक की घरेलू काम करने के लिए अगर सड़क पार करनी होती है तो काफी समय लग जाता है, क्योंकि ओवरलोड वाहनों की अधिकता के कारण खतरा रहता है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि उन्हें बचाया जाएं। अन्यथा बरसात के सीजन में यह इलाका उजड़ जाएगा।
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पहले भी निकाला था कैंडल मार्च : खनन माफिया के खिलाफ लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इन महिलाओं ने पहले भी कैंडल मार्च निकाला था, लेकिन सरकार व जिला प्रशासन की तरफ से कोई एक्शन नहीं लिया गया। इसलिए महिलाएं फिर से एकजुट होने लगी हैं।
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यमुना का है धार्मिक महत्व : एडवोकेट वरयाम सिंह का कहना है कि क्षेत्र के लोग काफी समय से यमुना नदी के अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन माइनिंग माफिया के आगे सरकार, प्रशासन और पुलिस सब नतमस्तक है। पुरुष विरोध करते हैं तो खनन माफिया के कारिंदे उनके साथ मारपीट करते हैं और झूठे केस लगवा देते हैं। बेलगढ़ में पूर्व मंत्री निर्मल सिंह, साबापुर में रोशनलाल कंबोज के अलावा कई लोगों के साथ ऐसा हो चुका है। अवैध खनन की वजह से पानीपत तक भी पानी नहीं पहुंचता। पूरे हरियाणा में यमुना का काफी धार्मिक महत्व है। अगर यह अवैध खनन ऐसे ही चलता रहा तो एक दिन यमुना नदी भी सरस्वती की तरह लुप्त हो जाएगी।
फोटो नंबर 27, 28
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