ग्रामीणों के खिलाफ भी एफआईआर, लोग बोले- खनन माफिया से न डरेंगे, न झुकेंगे, पूरा इलाका जेल जाने को तैयार
- पुलिस पर दबाव का आरोप, हमलावरों पर हल्की व ग्रामीणों के खिलाफ गैर जमानती धाराओं के तहत एफआईआर
लोगों में रोष, मीटिंग कर बनाई आगे की रणनीति
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
ओवरलोडिंग के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले साबापुर के ग्रामीणों पर भी पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने जब्बार अली नाम के शख्स की शिकायत पर साबापुर निवासी व्यवसायी रोशनलाल कांबोज समेत कंवरपाल, पवन कुमार, सतीश मास्टर, रणधीर सिंह, राजेंद्र पर जबरन वाहन रुकवाना और वसूली करने का आरोप लगाते हुए गैर जमानती धाराएं लगाई हैं। जबकि आधी रात को ग्रामीणों पर जानलेवा करने वालों पर पुलिस ने साबापुर निवासी राजेंद्र सिंह की शिकायत पर बीबीपुर के जब्बार, साबापुर के राकेश कांबोज, मुकारमपुर के शराफत और मंडी के अकरम और बीबीपुर के शाहरूख समेत 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ हल्की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस की इस कार्रवाई से लोगों का गुस्सा और भड़क गया और उन्होंने अपने गांव से खनन के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से रोकने की चेतावनी दे दी है।
वीरवार को ग्रामीणों की मीटिंग हुई, जिसमें सीधे-सीधे पुलिस और प्रशासन पर खनन माफिया के दबाव में कार्रवाई करने का गंभीर आरोप लगाया। रोशनलाल कंबोज ने कहा कि वे न खनन माफिया से डरेंगे और न ही पुलिस से। महिलाएं और बच्चों समेत पूरा गांव जेल जाने को तैयार है। उन्होंने अवैध वसूली करने के आरोपों को भी गलत बताया और आरोप लगाया कि यह सब स्पीकर के इशारे पर हो रहा है। मीटिंग में लोगों ने कहा कि सड़क पर ओवरलोड वाहनों के नीचे मरने से अच्छा है कि वे भावी पीढ़ी के भविष्य को लेकर संघर्ष करें। उन्होंने कहा कि वे गैरकानूनी तरीके से किसी भी वाहन को नहीं निकलने देंगे।