गिरफ्तारी के लिए बसें आईं 21, पांच में ही पूरे आ गए इनेलो-बसपा कार्यकर्ता
सतलुज यमुना नहर की खुदाई न करने व दादूपुर-नलवी नहर को डी-नोटिफाइ करने के विरोध मे इनेलो-बसपा ने चलाया जेल भरो आंदोलन
जगाधरी मंडी में कार्यक्रम में दो हजार ने हाथ उठा भरी हामी, फिर 438 ने दी गिरफ्तारी
5 बसों में ही पूरी हुई इनेलो बसपा नेताओं व कार्यकर्ताओं की संख्या, मौके पर थीं 11 रोडवेज व 10 पुलिस बसें
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। सतलुज यमुना नहर की खुदाई न करने व दादूपुर-नलवी नहर को डी-नोटिफाई करने के विरोध में इनेलो-बसपा ने शुक्रवार को जेल भरो आंदोलन चलाया। इसके तहत जिला सचिवालय गेट और परिसर में ऐलनाबाद से विधायक एवं विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता अभय चौटाला, प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, पूर्व मंत्री रामपाल माजरा, राज्यसभा सांसद रामकुमार कश्यप व बसपा प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश भारती, पूर्व डिप्टी स्पीकर अकरम खान, डॉ. मेघराज व नरेश सारन सहित दोनों पार्टियों से कुल 438 कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारियां दीं। हालांकि इससे पूर्व जगाधरी मंडी में हुए कार्यक्रम में करीब दो हजार की संख्या में कार्यकर्ताओं ने हाथ उठाकर गिरफ्तारियां देने को हामी भरी। इसके लिए जिला प्रशासन ने 21 बसें (11 रोडवेज व 10 पुलिस बसें) मंगवाई, किंतु दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता पांच बसों में पूरे आ गए। सभी को गिरफ्तारी के बाद पुलिस लाइन ले जाकर छोड़ दिया गया।
जगाधरी अनाज मंडी में सुबह 11 बजे इनेलो व बसपा गठबंधन की ओर से जेल भरो आंदोलन के तहत कार्यक्रम हुआ। करीब तीन घंटे चले कार्यक्रम में इनेलो से ऐलनाबाद विधायक एवं विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता अभय चौटाला, प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, पूर्व मंत्री रामपाल माजरा, राज्यसभा सांसद रामकुमार कश्यप व बसपा प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश भारती, पूर्व डिप्टी स्पीकर अकरम खान, डॉ. मेघराज व नरेश सारन ने संबोधित किया। दोनों पार्टियों के नेताओं ने एक दूसरे को हरे व नीले रंग की पगड़ियां पहनाईं। कार्यक्रम के दौरान काफी संख्या में पुरुष हरी व नीली पगड़ियां व पट्टिकाएं और महिलाएं हरी व नीली चुन्नियां ओढ़े शामिल हुईं। दोपहर दो बजे कार्यक्रम संपन्न होने पर दोनों पार्टियों के नेता व कार्यकर्ता जगाधरी मंडी से नारेबाजी करते हुए एनएच-73 पर आ गए और सचिवालय परिसर में प्रवेश का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने गेट बंद कर उन्हें रोक दिया। मौके पर पूर्व विधायक दिलबाग सिंह, पूर्व विधायक ईश्वर पलाका, जहिद खान ,महीपाल भगवानपुर, राज कुमार सैनी, दलमीरा राम, खिलाराम नरवाल, राजकुमार बुबका, विजय बब्बर, दलजीत सिंह टीटी, अमित पाल सिंह रिम्पी, दलमीरा राम सैनी, सुरेश शर्मा व गुरप्रीत सिंह चावला व अन्य मौजूद रहे।
चौटाला ने अफसरों से कहा-गिरफ्तारी देने वालों को कोई दिक्कत हुई तो देख लेना, हमारी सरकार आने वाली है: पुलिस द्वारा गेट बंद कर सचिवालय परिसर के अंदर जाने से रोकने पर इनेलो के विधायक अभय चौटाला ने गेट पर ही माइक से कहा कि जिन अफसरों की ड्यूटी यहां लगी है, वह ध्यान से सुन लें। यदि गिरफ्तारी देने वाले किसी कार्यकर्ता को कोई परेशानी हुई तो याद रखना, आने वाली सरकार इनेलो व बसपा गठबंधन की है। उन्होंने कहा कि जेल में अगर व्यवस्था नहीं हुई तो उसके लिए भी सरकार के घुटने टिकवा देंगे। जेल भरो आंदोलन के तहत कोई भी गिरफ्तारी दे, उसे सारी सुविधा मिलनी चाहिए। चाहे खुली जेल में रखें, अगर सुविधा नहीं मिली तो सभी भूख हड़ताल पर चले जाएंगे। उन्होंने गिरफ्तारियां लेने आए अधिकारियों को धमकी भरे शब्दों में कहा कि अगर अधिकारियों ने सरकार के कहने पर इनेलो-बसपा कार्यकर्ताओं को परेशान किया तो सत्ता में आकर ऐसे अधिकारियों से निपटा जाएगा। उनकी इस बात पर कार्यकर्ताओं ने जहां तालियां बजाईं और मौके पर मौजूद अफसर यह सुन एक टक देखते रह गए। बाद में एसपी राजेश कालिया ने अभय चौटाला से बातचीत कर आश्वासन दिया कि कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां लेने को लेकर तमाम प्रबंध कर लिए हैं।
पुलिस कम पड़ते ही सचिवालय में घुस आए नेता व कार्यकर्ता: सचिवालय गेट पर चौटाला द्वारा संबोधित करने के बाद बाहर ही एक पुलिस वाहन में सबसे पहले महिला पुलिस द्वारा महिला कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां की गईं। इसके बाद रोडवेज बस में पुरुष कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां की गईं। इसी दौरान सचिवालय गेट पर पुलिस कम पड़ते ही सभी नेता व कार्यकर्ता सचिवालय परिसर में घुस आए और अंदर नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद अंदर ही एक पुलिस वाहन व दो रोडवेज की बसों में इनेलो से ऐलनाबाद से विधायक एवं विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता अभय चौटाला, प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, पूर्व मंत्री रामपाल माजरा, राज्यसभा सांसद रामकुमार कश्यप व बसपा प्रदेशाध्यक्ष प्रकाश भारती, पूर्व डिप्टी स्पीकर अकरम खान, डॉ. मेघराज व नरेश सारन समेत अन्य कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियां की गईं। कुल पांच बसों में 438 गिरफ्तारियां हुईं, जिन्हें पुलिस लाइन ले जाकर छोड़ दिया गया।
गिरफ्तारियां देने के वक्त खिसक गए काफी कार्यकर्ता: जगाधरी मंडी में कार्यक्रम के दौरान इनेलो-बसपा के करीब दो हजार ने हाथ उठाकर गिरफ्तारियां देने के लिए हामी भरीं, लेकिन गिरफ्तारियां देने से पहले काफी संख्या में कार्यकर्ता मौके से खिसक लिए। इसके बाद महज 438 की ही गिरफ्तारियां ली जा सकीं। जबकि मौके पर 11 रोडवेज व 10 पुलिस बसें समेत भारी पुलिस बल तैनात था।
आधे घंटे तक जाम रहा एनएच-73, लगी वाहनों की कतारें: इनेलो-बसपा द्वारा जेल भरो आंदोलन के दौरान कार्यकर्ताओं के एनएच-73 (चंडीगढ़-रूड़की) पर इकट्ठे होने पर दोनों ओर से मार्ग जाम हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। करीब आधे घंटे तक यही स्थिति रही, जिस बीच वाहन चालकों को दिक्कतों से दो चार होना पड़ा। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस की ओर से दोनों से आ रहे वाहनों को डायवर्ट कर निकाला गया।
सरकार एसवाईएल के पानी को प्रदेश में लाए व दादूपुर-नलवी नहर को चलाएं : चौटाला
यमुनानगर। जेल भरो आंदोलन के दौरान पत्रकारों से बातचीत में अभय चौटाला ने कहा कि इनेलो-बसपा गठबंधन किसानों के हितों की रक्षा के लिए कोई भी कुर्बानी देने से पीछे नहीं हटेगा। यदि इसके लिए उन्हें प्राण भी देने पड़े तो वह देंगे। चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह फेल हो चुकी है। अब प्रदेश की जनता ने इसे प्रदेश की सत्ता से बाहर करने का मन बना लिया है। आज वह संख्या में हजारों में हैं, लेकिन सरकार ने यदि मुद्दों को हल करने में देरी की तो उनका गठबंधन इतना बड़ा आंदोलन चलाएगा कि सरकार के पास गठबंधन के कार्यकर्ताओं को रखने के लिए जेले कम पड़ जाएंगी, इसलिए सरकार को चाहिए कि वह एसवाईएल के पानी को प्रदेश में लाने का काम करे, दादूपुर नलवी नहर को बंद न कर उसे चलाएं और किसानों का मुआवजा दें। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव के दौरान स्वामी नाथन आयोग की रिपोर्ट लागू किए जाने का वादा किया था। उसे जल्द पूरा करें, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम होंगे।