पेंशन के लिए बुजुर्ग काट रहे चक्कर, अधिकारी ने कहा-फार्म और स्टाफ की थी दिक्कत
-तीन-तीन बार फार्म भरने के बाद भी नहीं शुरू हो पाई पेंशन
अमर उजाला ब्यूरो
जगाधरी। प्रदेश सरकार की ओर से दी जाने वाली पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए बुजुर्गाें ओर अन्य पात्रों को शारीरिक कष्ट झेलने पड़ रहे हैं। लोग कई महीनों से यमुनानगर पेंशन कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। जिला के कई बुजुर्ग और विधवा महिलाएं सरकार की योजना से अब तक वंचित हैं। कुछ पात्र तो ऐसे हैं, जो दो बार फार्म भरकर जमा करा चुके हैं, लेकिन उनकी पेंशन नहीं लग पाई है। सबसे अधिक दिक्कत उन बुजुर्गों को हो रही है जो ग्रामीण क्षेत्रों से विभाग के कार्यालय आते हैं। अधिकारी का कहना है कि पहले भरे गए फार्म दिक्कत थी फिर स्टाफ की कमी थी। अब स्टाफ पूरे हो गए हैं। जल्द काम हो जाएगा।
नौ महीने से पेंशन के लिए चक्कर काट रही है विधवा
दुर्गा गार्डन निवासी स्वर्णा देवी विधवा पेंशन लगवाने के लिए 9 महीने से जिला पेंशन कार्यालय के चक्कर काट रही हैं। स्वर्ण देवी ने बताया कि पेंशन लगवाने के लिए दो बार फॉर्म जमा करवा चुकी है, लेकिन उसकी पेंशन नहीं लग पाई। पहली बार फार्म जमा करने के बाद उसने छह महीने तक विभाग के चक्कर काटे, लेकिन पेंशन चालू नहीं हुई। इसके बाद दोबारा फार्म भरकर जमा करवाया। वह पिछले दो महीने से समाज कल्याण विभाग कार्यालय के चक्कर काट रही है। स्वर्णा ने बताया कि पेंशन से जुड़े सारे कागजात विभाग में जमा करवा दिए हैं। जब भी वह कर्मचारियों से पूछती है कि पेंशन कब लगेगी तो हर बार कर्मचारी जवाब देते हैं कि कुुछ दिनों में पेंशन लग जाएगी। इस इंतजार में वह 11 महीने गुजर गए, लेकिन अब तक पेंशन नहीं लगी। स्वर्णा का पति न होने के कारण उसे अपना गुजारा चलाना मुश्किल हो रहा है। पेंशन लग जाएगी तो थोड़ा सहारा हो जाएगा। इस उम्मीद में वह दर्जनों बार समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट चुकी है। कार्यालय आने-जाने में उसके 400-500 रुपये खर्च हो चुके हैं।
भाई के एरियर के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहा कांसीराम
साढौरा के रहने वाले कांसीराम का कहना है कि उनके भाई मोती राम की बुढ़ापा पेंशन का एरियर तीन महीने से रुका हुआ है। एरियर के लिए वह पांच-छह बार कार्यालय आया। हर बार कर्मचारी एक-दो महीने में एरियर आने का आश्वासन देकर भेज देते हैं। अब मोतीराम के पैरों में तकलीफ होने के कारण वह इतनी दूर कार्यालय आने में समर्थ नहीं है। इस कारण कांसीराम अपने भाई के एरियर के लिए कार्यालय के चक्कर काट रहा है। कांसीराम ने बताया कि वह भी तीन बार कार्यालय आ चुका है। हर बार कर्मचारी एरियर जल्दी आने की बात कहते हैं। लेकिन छह महीने बीत जाने के बाद भी मोतीराम का एरियर नहीं आया है।
फर्कपुर की सुखविंद्र एक साल से कर रही पेंशन लगने का इंतजार
यमुनानगर के फर्कपुर निवासी सुखविंद्र कौर विधवा है। वह अपनी विधवा पेंशन लगवाने के लिए सालभर से पेंशन कार्यालय का चक्कर लगा रही है। एक साल के दौरान वह तीन बार फार्म जमा करा चुकी है, लेकिन आज तक उसकी पेंशन नहीं लग पाई है। सुखविंद्र ज्यादा पढ़ी-लिखी नहीं है। इस कारण उसे दूसरों से फार्म भरवाना पड़ा। अब तक पेंशन न लगने से मायूस सुखविंद्र कहती है कि एक साल पहले पहली बार फार्म जमा करवाया था तो कर्मचारियों ने तीन महीने में पेंशन आने की बात कही थी। चार महीने बाद भी पेंशन नहीं लगी तो दोबारा फार्म भरकर जमा करवाया। दूसरी बार भी उसकी पेंशन नहीं लगी तो चार महीने बाद उसने तीसरी बार फार्म जमा करवाया। पेंशन कब तक आ जाएगी, यह जानने के लिए वह दो महीने से कार्यालय के चक्कर काट रही है।
गुरमीत सिंह छह महीने से लगा रहे चक्कर
जगाधरी की कृष्णा कॉलोनी के रहने वाले गुरमीत सिंह को भी पेंशन लगवाने के लिए कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। वह पिछले करीब छह महीने से कार्यालय आ रहे हैं। गुरमीत सिंह ने बताया कि नए अधिकारी के आने के बाद यहां लोगों के फार्म आसानी से जमा हो रहे हैं, लेकिन जिनके फार्म जमा हो चुके हैं, उन्हें पेंशन के लिए बार-बार कार्यालय आना पड़ रहा है।
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फार्म जमा करवा चुके अधिकतर पात्रों के फार्म अधूरे थे। इस कारण उनकी पेंशन शुरू नहीं हो पाई। पहले कार्यालय में स्टाफ की कमी थी, इस कारण फार्म जमा करने में दिक्कत आ रही थी। अब स्टाफ की कमी को दूर कर दिया गया है। इनके फार्म जमा हो चुके हैं और पूरे भरे गए हैं, उनकी पेंशन जल्द शुरू हो जाएगी।
-अश्वनी मदान, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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