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भारी-भरकम रकम लगे बिल देख उड़े उपभोक्ताओं के होश, आज जमा न कराया लगेगा जुर्माना

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भारी-भरकम रकम के बिल देख उड़े उपभोक्ताओं के होश, आज जमा न कराया तो लगेगा जुर्माना
ठेकेदार के माध्यम से बिजली बिल बनाने व बांटने पर आ रहीं गड़बड़ियां
गुस्साए उपभोक्ता बोले : किसी भी सूरत में जमा नहीं कराएंगे बढ़े बिल
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। बिजली निगम द्वारा बिल बनाने और बांटने का काम ठेकेदार के अंतर्गत कराए जाने पर कई तरह की गड़बड़ियां आ रही हैं। ठेकेदार के कारिंदे घर-घर जाने के बजाए मुनादी कर उपभोक्ताओं को दूरस्थ स्थान पर बुला कर बिल बांट रहे हैं। उपभोक्ताओं में महिलाएं, बुजुर्ग व अन्य बिलों के वितरण का पता लगने पर अपने बिल लेने पहुंच रहे हैं। जहां एक ओर किसी को अपना बिल मिल नहीं रहा तो कइयों को भारी-भरकम रकम वाले बिल थमाए जा रहे हैं। इसी तरह जम्मू कालोनी की गढ़वाल धर्मशाला व आदर्श नगर में बिल वितरण के दौरान कई उपभोक्ताओं के होश उड़ गए। चूंकि भारी-भरकम रकम लगे बिलों पर उसे जमा कराने की अंतिम तारिख 18 दिसंबर दी गई है। यानी आज बिल जमा नहीं कराया तो उन्हें जुर्माना भी देना होगा। ऐसे में उपभोक्ता असमंजस में हैं कि दिहाड़ी छोड़ बिलों को ठीक कराएं या उसे जमा कराएं। कई उपभोक्ता तो किसी भी सूरत में बढ़े बिल जमा न कराने की ठान चुके हैं।
कोट्स
पिछला बिल था 728 रुपये, अब दो माह का 32 हजार 598 रुपये बिल:
वीनानगर निवासी मोहम्मद इस्लाम ने बताया कि उनकी बेटी का घर आदर्श नगर में हैं, जहां उनकी बेटी व दामाद ही रहते हैं। उनका पिछला बिजली का बिल 728 रुपये आया था। जिसे उन्होंने 31 अक्तूबर को जमा कराया था। अब वह आदर्श नगर में बांटे जा रहे बिल लेने पहुंचे तो पहले उन्हें अपना बिल बना नहीं मिला। उन्होंने ठेकेदार के कारिंदे से कंप्यूटर से बिल निकलवाया तो दो माह का बिल 32 हजार 598 रुपये बनाकर थमा दिया। उन्होंने बढ़े बिल पर आपत्ति जताई तो कारिंदे ने उसे ठीक करने की बजाए जमा कराने की सलाह दी। उन्होंने आरोप लगाया कि बिल बनाने से पहले किसी ने रीडिंग नहीं ली। इसी कारण एक हजार तक आने वाला बिल 30 हजार रुपये से अधिक आया है। अब उन्हें सोमवार को दिहाड़ी छोड़ बिल ठीक कराने के लिए भटकना पड़ेगा, चूंकि वह किसी सूरत में यह बढ़ा बिल जमा नहीं करवा सकते हैं।
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दो बार शिकायत पर ली रीडिंग, बिल बना डाला छह हजार: शिव कालोनी की कृष्णावंती ने बताया कि उनका पिछला बिल एक हजार रुपये था, जो 17 अगस्त को जमा करा दिया था। इसके बाद दो माह बीतने पर कोई मीटर रीडिंग लेने नहीं आया। इस पर उनकी ओर से दो शिकायत दी गई, जिस पर एक व्यक्ति रीडिंग लेकर गया। लेकिन अब जब वह बिल लेने पहुंची तो चार माह का बिल 6 हजार 41 रुपये का बना दिया है, जो उनकी बिजली खपत की तुलना में ज्यादा है। बिल जमा कराने की आखिरी तारीख 18 दिसंबर है। पति मजदूरी करते हैं, ऐसे में वह चिंतित हैं कि एक दिन में इतना पैसा कैसे जमा कराएं।
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घर पर भेजा गलत बिल, चेंज कराने गए तो उड़े होश: फर्कपुर निवासी राजकुमार ने बताया कि उनके घर पर गुरनाम सिंह नाम का बिजली का बिल भेजा दिया गया। इस पर वह उसे चेंज कराने आए तो उन्हें चार माह का 7200 रुपये बिल बनाकर थमा दिया गया, जो बीते बिलों से बहुत ज्यादा है। वह पेशे से ड्राइवर हैं और ज्यादातर समय घर से बाहर ही रहते हैं। ऐसे में इतना अधिक बिल किसी सूरत में नहीं बन सकता है। इसी तरह नई आबादी (कैंप) निवासी केवल कृष्ण (100 प्रतिशत विकलांग) का दो माह में 85 यूनिट का बिल तीन हजार रुपये का बना दिया गया है।
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वर्जन
इस कार्य का पहला माह ही है। उनके अंतर्गत 40 हजार कनेक्शन आते हैं। ऐसे में थोड़ी दिक्कत आ रही है। उनका प्रयास किया जा रहा है कि उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
मयंक, सुपरवाइजर, आयरन ग्रुप (बिजली बिल बनाने व बांटने वाली फर्म)
वर्जन
कांट्रेक्टर से कहा गया है कि बिजली बिलों का वितरण घर-घर जाकर किया जाए। बिलों में आ रही गड़बड़ियों को भी सुधारने संबंधी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
विकास बंसल, एसडीओ, बिजली निगम।
फोटो-7, 8, 9 व 10
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